logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

कुछ ही महीनों में टूटा डेम! धरमपुरी तहसील के ग्राम गुलाटी में निर्माण पर उठे गंभीर सवाल

कागजों में मजबूत, जमीन पर ढह गया डेम
गुलाटी में लाखों का निर्माण महीनों में टूटा — तस्वीरों ने खोली पोल, अब RTI से होगा बड़ा खुलासा

धरमपुरी (जिला धार)

धरमपुरी तहसील की ग्राम पंचायत निमोला के ग्राम गुलाटी में नाले पर निर्मित डेम की जो तस्वीर सामने आई है, उसने पूरे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मौके की तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि डेम का मुख्य भाग बीच से टूट चुका है, कंक्रीट उखड़ गया है और संरचना का आधार कमजोर पड़ चुका है। पानी के बहाव वाले हिस्से में कटाव साफ नजर आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि डेम का निर्माण हुए अभी कुछ ही महीने हुए थे, लेकिन पहली ही बारिश और सामान्य जलभराव में इसकी दीवारें चटक गईं। तस्वीर में दिखाई दे रहा है कि कंक्रीट की परत अलग होकर गिर चुकी है और बीच का स्लैब टूटकर नीचे लटक गया है — जो निर्माण गुणवत्ता पर सीधा सवाल खड़ा करता है।

तस्वीर क्या कहती है

कंक्रीट का मुख्य ब्लॉक दरक चुका है
नीचे की स्लैब टूटी हुई दिखाई दे रही है
किनारों पर मिट्टी का कटाव स्पष्ट है
पानी के दबाव को झेलने की क्षमता पर सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्माण तकनीकी मानकों के अनुसार होता तो इतनी जल्दी इस प्रकार की क्षति संभव नहीं थी

अब RTI से खुलेगा पूरा हिसाब

ग्रामीणों ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत निम्न दस्तावेज मांगने की तैयारी की है:
प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति
कुल स्वीकृत लागत बनाम भुगतान विवरण
माप पुस्तिका (MB) की प्रमाणित प्रति
गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट

पूर्णता प्रमाण पत्र
निर्माण एजेंसी/ठेकेदार का नाम व अनुबंध शर्तें

यदि दस्तावेजों में दर्ज मजबूती और जमीन पर दिख रही हकीकत में फर्क मिला, तो यह मामला गंभीर वित्तीय अनियमितता में बदल सकता है।

कानूनी शिकंजे की संभावना
सार्वजनिक धन से बने निर्माण का इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होना लापरवाही या संभावित अनियमितता की ओर संकेत करता है। जांच में दोष सिद्ध होने पर:
विभागीय जांच और निलंबन
जिम्मेदारों से वसूली
ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट
आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की संभावना

ग्रामीणों में रोष

गुलाटी के ग्रामीणों का कहना है कि डेम से खेतों को सिंचाई और जल स्तर सुधार की उम्मीद थी, लेकिन अब यह ढांचा खुद खतरा बन गया है। उनका सवाल है — “अगर निर्माण सही था तो कुछ महीनों में क्यों टूट गया?”
अब नजर दस्तावेजों और जांच पर
तस्वीरें बहुत कुछ कह रही हैं…
क्या जांच में भी वही सच सामने आएगा?
गुलाटी का यह टूटा डेम अब विकास कार्यों की पारदर्शिता पर लगा बड़ा प्रश्नचिह्न बन चुका है।

2046 views

Comment
  • Kishan Lal Jangid

    ऐसे लोगों पर कब होगी कार्रवाई जो घटिया मेटेरियल का इस्तेमाल करके करते हैं निर्माण