भक्ति के रंग में रंगा बड़ौदा, प्रेमनारायण जी महाराज की कथा का द्वितीय दिवस सम्पन्न
बड़ौदा/श्योपुर । नगर बड़ौदा में चल रही सुप्रसिद्ध कथावाचक प्रेमनारायण जी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो गया।
कथा के द्वितीय दिवस पर महाराज श्री ने भगवान की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि कलियुग में भक्ति ही सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग है। उन्होंने बताया कि सत्संग से मन की शुद्धि होती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। अपने प्रवचन में उन्होंने मानव जीवन की महत्ता, सेवा भाव और धर्म पालन पर विशेष जोर दिया।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा पांडाल गूंजता रहा। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने श्रद्धा भाव से कथा का श्रवण किया। कई श्रद्धालु कथा सुनकर भावुक हो उठे और भक्ति में लीन दिखाई दिए। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल और प्रसाद की समुचित व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है और आपसी प्रेम व सद्भाव मजबूत होता है। कथा के दौरान दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचे।
आयोजकों ने जानकारी दी कि कथा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी, जिसमें भगवान की विभिन्न लीलाओं और जीवन मूल्यों से जुड़े प्रसंग सुनाए जाएंगे। उन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।
नगर में चल रही इस कथा ने बड़ौदा को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया है।