सुकून संस्था का मुख्य लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बेसहारा लोगों का उत्थान
सुकून द पीस संस्था की शुरुवात लगभग पांच साल पहले हुई एक ऐसी अनोखी सोच और ऐसी भावना के साथ जो सीधे दिल से निकलती है। ये सोच एक ऐसे इंसान की देन है जिन्होने मात्रत्व के दर्द को समझा और उन लोगो के बारे में सोचा जिन के बारे में सोचना तो दूर लोग उनकी बस्तियों में भी नही जाते । हमको को उन लोगो के रहने के तरीके से घृणा आती है । ऐसी जगह से निकलते हुये सुकून एनजीओ की फांउडर डा० रेणू मलिक ने वहां के लोगो की व्यथा को देखकर कर उनके मन में एक ख्याल आया के ऐसे बच्चे जो गरीब बस्ती में रहते है जो बिल्कुल भी पढ़े लिखे नही उनके मां बाप भी अनपढ़ होने की वजह से उन बच्चों पर ध्यान नही दे पाते और उन का कोई भविष्य भी नजर नहीं आता । पढ़ाई से दूर हैं और पढ़ाई करना चाहते है तो गरीबी की तंगी उनके ज्ञान के आगे अड़चन बन जाती है। छोटी सी उम्र और उन कंधों पर कूड़ा बिनने का बोझ। छोटी उम्र में शादी और बच्चे। इनकी तो।मानो जैसे जिंदगी कहीं खो जाती है। इनके सपनों को पंख देने और उनको उड़ान में बदलने की सोच के साथ। एक कदम, एक सोच और साहस के साथ आगे बढ़ाया और इस संस्था का उदय हुआ। मस्तिष्क का सुकून दा पीस अर्थात मन की शांति जिस की तलाश में लोग जाने कहा कहा जाते है वो सुकन ऐसे बच्चों की सेवा में है भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हर कोई बस एक ही चीज़ की तलाश में है, और वो है सुकून। समाज के गरीब और जरूरतमंद तबके की इसी तलाश को पूरा करने और उनके चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए आज शहर में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। आज जिले कैथल के सिरटा रोड़ स्थित सपेरा बसती में सुकून नाम के एक नए एनजीओ का जरुरतमंद बच्चों के लिए फ्री शिक्षण संस्थान की शुररुवात जोकि पिछले एक महीने से तैयार में लगे वोलेंटियर द्वारा किया गया। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और बेसहारा लोगों को एक नई उम्मीद देने के उद्देश्य से आज सपेरा बस्ती सिरटा रोड़ स्थित सपेरा बस्ती की धर्मशाला में सुकून एनजीओ के द्वारा गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए सैन्टर का शुभारंभ किया गया। आज इतवार का दिन इस सेंटर पर विजिटर डे होता है । आज पूर्व एम एल ए तथा हरियाणा घुमंतू जाति के संयोजक कुलवन्त राम बाजीगर जी तथा श्रीमती सुरभि गर्ग चैयर पर्सन नगर परिषद कैथल द्वारा शिरकत की गई और बच्चों का हौसला बढ़ाया सरस्वती वन्दना की और सुकून दी पीस फाउंडेशन की सहराना की और बच्चों के साथ खुशियां बांटी। सुकून संस्था का मुख्य लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बेसहारा लोगों के उत्थान के लिए काम करना है। इस खास मौके पर शहर के कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस नेक पहल की जमकर सराहना की। डा० रेणू मलिक संस्थापक/अध्यक्ष (सुकून दी पीस की शुरुआत पांच साल पहले इस सोच के साथ की है कि समाज के उस आखिरी व्यक्ति तक मदद पहुंचाई जा सके, जिसे वास्तव में इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। हमारा लक्ष्य सिर्फ दान देना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और शिक्षा से वंचित बच्चों के जीवन में असल सुकून लाना है। आज इस मौके पर लोगों का जो समर्थन मिला है, उससे हमारा उत्साह और बढ़ गया है। समारोह के दौरान संस्था के सदस्यों ने अपनी आगामी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। निश्चित रूप से, आज के समय में समाज को ऐसी ही निस्वार्थ भाव से काम करने वाली संस्थाओं की जरूरत है। उम्मीद है कि सुकून अपने नाम को सार्थक करते हुए कई जिंदगियों में रोशनी भरने का काम करेगा। यकीनन, सुकून जैसी संस्थाएं हमारे समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं। हमारी पूरी टीम की तरफ से भी सुकून एनजीओ को इस नई शुरुआत के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। इस कार्यक्रम में सपेरा बस्ती के बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई है,