किसान_कल्याण_वर्ष_2026
जिले में 20 जैव आदान संसाधन केंद्र होंगे स्थापित...
आगर मालवा जिले में 20 जैव आदान संसाधन केंद्र होगे स्थापित प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों की आय में होगी वृद्धि
#मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। वर्ष अन्तर्गत् आगर-मालवा जिले में #प्राकृतिक #खेती को प्रोत्साहित करने एवं किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिले में कुल 20 जैव आदान संसाधन केंद्र (बायो रिसोर्स सेंटर ) स्थापित किए जा रहे हैं। इन जैव आदान संसाधन केंद्रों पर जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र एवं दशपर्णी अर्क जैसे प्राकृतिक कृषि इनपुट तैयार किए जाएंगे। इन्हें कृषक स्वयं उपयोग करने के साथ-साथ अन्य किसानों को उचित मूल्य पर विक्रय किया जाएगा।
इस पहल से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, प्राकृतिक खेती का रकबा बढ़ेगा तथा किसानों को प्राकृतिक खाद एवं दवाइयां स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध होंगी। परिणामस्वरूप जिले एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
परियोजना संचालक “आत्मा”, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, विजय चौरसिया ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत जैव आदान संसाधन केंद्र स्थापना की यह पहल जिले को प्राकृतिक खेती की दिशा में एक नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। जिले में प्राकृतिक खेती का रकबा बढ़ेगा। जिसका सीधा लाभ कृषकों और आम नागरिकों को मिलेगा। उन्होंन बताया कि प्रति केंद्र 3.00 लाख रुपए प्रतिवर्ष अनुमानित आय होगी, कुल 20 केंद्रों से कुल संभावित आय लगभगत 60.00 लाख प्रतिवर्ष होगी।
इन स्थानों पर जैव आदान संसाधान केन्द्र हो रहे स्थापित
जिले के विकासखण्डवार जैव आदान संसाधन केंद्र में विकासखण्ड आगर में मां मनसा जैव इनपुट संसाधन केंद्र, खजूरी कानड़, रूद्र जैव इनपुट संसाधन केंद्र, हामलाखेड़ी, मां पीताम्बरा जैव इनपुट संसाधन केंद्र, उमरिया देवड़ा, श्री राम चौहान जैव इनपुट संसाधन केंद्र, रामपुर भुंडवास, कृषि विज्ञान केंद्र जैव इनपुट संसाधन केंद्र, उज्जैन रोड, आगर में स्थापित किया जा रहा है। इसी तरह बड़ौद विकासखण्ड में मालवा माटी जैव इनपुट संसाधन केंद्र, बिनायगा, स्टार जैव इनपुट संसाधन केंद्र, कंकडेल, बड़ौद माटी जैवशक्ति जैव इनपुट संसाधन केंद्र, बड़ौद, श्री गणेश गौशाला जैव इनपुट संसाधन केंद्र, चिप्या, जय मां जैव इनपुट संसाधन केंद्र, टोकड़ा, सुसनेर विकासखण्ड में श्री बालाजी जैव इनपुट संसाधन केंद्र, लालाखेड़ी, श्री देव जैव इनपुट संसाधन केंद्र, कलारिया, कुशवाह जैव इनपुट संसाधन केंद्र, सोयतकलां, देवश्री कृषि जैव इनपुट संसाधन केंद्र, खिंदियाखेड़ी, अमृत जैव इनपुट संसाधन केंद्र, मैना और नलखेड़ा विकास खण्ड में श्री बाबा बर्फानी जैव इनपुट संसाधन केंद्र, माधोपुर, मुकाती जैव इनपुट संसाधन केंद्र, बगावद, बालाजी जैव इनपुट संसाधन केंद्र, किलोना, मां जैव इनपुट संसाधन केंद्र, कुशलपुरा, किसान तवीसा जैव इनपुट संसाधन केंद्र, नलखेड़ा में स्थापित किया जा रहा है।