logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

संघ शताब्दी वर्ष पर मेरठ में गूंजा हिन्दू एकता का शंखनाद - सावरकर नगर की भगवतपुरा बस्ती की भगवान बाल्मीकि धर्मशाला में हुआ विराट सम्मेलन




मेरठ। विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में मनाए जा रहे शताब्दी वर्ष समारोहों की कड़ी में मेरठ के सावरकर नगर स्थित भगवतपुरा बस्ती के भगवान वाल्मीकि धर्मशाला में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन हुआ। सम्मेलन में संत समाज, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने वातावरण को राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत कर दिया।
इस विराट आयोजन की विशेष पहचान रहा कार्यक्रम का तेजस्वी और प्रभावशाली मंच संचालन, जिसे कार्य समिति के महामंत्री लोकेश टंडन ने अपने ओजपूर्ण शब्दों और सशक्त प्रस्तुति से नई ऊंचाई प्रदान की। उनके संचालन ने पूरे सम्मेलन को ऊर्जा, अनुशासन और स्पष्ट दिशा दी, जिससे उपस्थित जनसमूह अंत तक पूरी तन्मयता से जुड़ा रहा।

*हिंदुत्व, समरसता और संगठन का आह्वान*
मुख्य अतिथि के रूप में सरधना से पधारे पूज्य शास्वानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने प्रखर एवं जागरणकारी उद्बोधन में हिंदुत्व की व्यापक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन पद्धति, संस्कार और राष्ट्र चेतना का आधार है।
उन्होंने इतिहास के संदर्भों को स्मरण कराते हुए समाज को सजग, संगठित और आत्मगौरव से परिपूर्ण बनने का आह्वान किया, ताकि वर्तमान चुनौतियों का सामना शक्ति और एकता के साथ किया जा सके।
सबसे प्रभावशाली क्षण वह रहा जब महाराज जी ने जातिवाद जैसे सामाजिक रोग पर तीखा प्रहार करते हुए स्पष्ट कहा—
“जातिवाद शब्दों से नहीं, मन से समाप्त होगा। यह एक ऐसा कीड़ा है जो समाज को भीतर से कमजोर करता है।”
उन्होंने सामाजिक समरसता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए सभी वर्गों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर भगवान वाल्मीकि रामायण की रचना ना करते तो श्री राम को भी कोई नहीं जानता। इसलिए श्री राम को पहचान दिलाने वाले भी भगवान वाल्मीकि हैं।


*नारी शक्ति का ओजस्वी संदेश*
विशिष्ट अतिथि साध्वी ज्ञानानंद रजनी दीदी (नांगली तीर्थ) ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए रानी झलकारी बाई और रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं का स्मरण किया। उन्होंने महिलाओं को जागरूक, संस्कारित और आत्मसम्मान से परिपूर्ण जीवन जीने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं को लव जिहादियों से सतर्क रहने के साथ-साथ महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा सोशल मीडिया पर छोटे कपड़े पहनकर रील बनाने वाली हिंदू महिलाओं पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग उन महिलाओं को शायद यह नहीं पता कि कैटरीना कैफ को सब भूल जाएंगे लेकिन सीता और लक्ष्मी जैसी देवियों को सब हमेशा याद रखते हैं।

*संघ की 100 वर्ष की गौरवगाथा*

मुख्य वक्ता एवं पर्यावरण एवं जल संरक्षक प्रांत प्रमुख राम अवतार जी ने संघ की 100 वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा और उसके पांच प्रमुख परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संगठन की राष्ट्र निर्माण में भूमिका को रेखांकित करते हुए युवाओं से सकारात्मक ऊर्जा के साथ समाज निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

*सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा परिसर*
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् के उद्घोष से हुआ। डीप अकैडमी के छात्रों ने “नारी शक्ति सब पर भारी” विषय पर दुर्गा शक्ति प्रदर्शन प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सेवा बस्ती के बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि दुर्गा वाहिनी के नन्हे बच्चों के दंड प्रदर्शन ने दर्शकों में जोश और उत्साह भर दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मुख्य अतिथि द्वारा मंच पर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक पवन अग्रवाल, कार्यक्रम अध्यक्ष भारत भूषण, कोषाध्यक्ष रामकुमार, सह कोषाध्यक्ष अमन कुमार, संरक्षक मदन पहलवान, संरक्षक महेश टाँक, संरक्षक शिवकुमार, संरक्षक अखिलेश कुमार, संरक्षक मुकेश कुमार, उपाध्यक्ष अरविंद अरोड़ा, उपाध्यक्ष अरुण मचल पार्षद, जितेन्द्र जिंदल उपाध्यक्ष, राजकुमार जाटव उपाध्यक्ष, मंत्रीगण निशांत धवन, शिवम माहेश्वरी, कृष्णा जिंदल, राहुल टाँक, विपिन गहलोत, मोहित बिड़लान, राजीव मनोठिया, राजन पिवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन राष्ट्रगान, सामाजिक समरसता के संकल्प और हिंदू एकता के उद्घोष के साथ हुआ।
यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागृत, संगठित और समरस बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध हुआ ।

0
0 views

Comment