चीन की दीवारों के पीछे क्या चल रहा है?
पिछले तीन वर्षों में चीन की सेना में ऐसे बदलाव हुए हैं, जो चीन के इतिहास में पहले कभी नहीं देखे गए। 2023 की शुरुआत में चीन के पास कम से कम तीस जनरल और एडमिरल थे, जो विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व कर रहे थे। इनमें से लगभग सभी को या तो हटा दिया गया है या वे अचानक गायब हो गए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की जाँच के अनुसार, अब केवल सात जनरल ही ऐसे हैं जो अभी भी सक्रिय रूप से सेना में मौजूद हैं। कई वरिष्ठ अधिकारी सार्वजनिक रूप से दिखना ही बंद हो गए हैं। चीन के इतिहास में इतनी बड़ी उथल-पुथल पहले कभी नहीं देखी गई।चीन ऐसा देश है जहाँ सच्चाई बहुत कम ही उसकी ‘लोहे की दीवारों’ के बाहर आती है। चीन ने अपने चारों ओर हमेशा एक अभेद्य दीवार खड़ी रखी है। वहाँ क्या हो रहा है या क्या हो चुका है, इसकी वास्तविक जानकारी दुनिया तक जल्दी नहीं पहुँचती। मंत्रियों से लेकर उच्च पदों पर बैठे लोग अचानक गायब हो जाते हैं, और उनके साथ आगे क्या होता है, यह अक्सर चीन के नागरिकों को भी नहीं पता होता।दुनिया की दूसरी सबसे शक्तिशाली सेना में इस समय कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। पहले चीन की सेना सात सैन्य क्षेत्रों में बंटी हुई थी। लेकिन राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस व्यवस्था को खत्म कर देश को पाँच कमांड में बाँट दिया, ताकि विभिन्न मोर्चों पर तेज़ी से फैसले लिए जा सकें। सेना, नौसेना, वायुसेना और मिसाइल बल एक साथ काम करें और युद्ध की स्थिति में ‘एक कमांड, एक ज़िम्मेदारी’ सुनिश्चित हो—यही इसका मुख्य उद्देश्य है। यह तय है कि चीन की दीवारों के पीछे कई बड़ी घटनाएँ घट रही हैं।