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दुनिया की सबसे भयानक तस्वीर

बलात्कार की परिभाषा:-

इंग्लैंड को खुले समाज वाला देश कहा जाता है जहां सेक्स को लेकर नैतिकता पवित्रता और मुंह काला करने जैसा कोई मापदंड नहीं है..., खुला समाज है.... मगर उनमें नैतिकता और लोकलाज विषगुरू से अधिक है‌।

एपस्टीन फ़ाइल में नाम आने के बाद वहां के शाही राजघराने के सदस्य और किंग चार्ल्स फिलिप के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू को पहले उनके शाही पद से हटाया गया, शाही सार्वजनिक कर्तव्यों से हटे। उनसे सैन्य उपाधियाँ और शाही संरक्षण वापस लिए गए फिर उनसे शाही घर छीन कर शाही परिवार से बेदखल कर दिया गया और अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

ऐसे ही विभिन्न देशों के 12 ऐसे लोगों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया जिनका नाम एपस्टीन फाईल में ज़रा सा भी कहीं आया है....

विषगुरु नैतिकता के ऊंचे मापदंड वाला देश है, वहां एक अनिल अंबानी एपस्टीन से ब्लंड गोल्डन ब्राउन लड़की का आफर स्वीकार करता है, एक केंद्रीय मंत्री, यहां 2014 में सरकार बनने के बाद 63 बार एपस्टीन से मेल वार्ता करता है, 14 बार मुलाकात करता है....और कुछ नहीं होता।

देश के प्रधानमंत्री उन्हें जन्म दिन की मोटी-मोटी बधाईयां देते हैं..... नैतिकता आदर्श परंपरा की बात करने में हमारा कोई सानी नहीं...

इसके बावजूद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बलात्कार की नयी नयी थियरी गढ़ रहें हैं, कुछ दिन पहले एक न्यायाधीश ने कहा लड़की का स्तन पकड़ना, नाडा तोड़ना, बाहों में भींचना, बलात्कार की कोशिश नहीं माना जा सकता" – जस्टिस राम मनोहर मिश्रा (इलाहाबाद हाईकोर्ट)

आज एक और जज साहब उससे आगे बढ़ कर नयी थियरी दे रहे हैं कि " योनि के ऊपर लिंग रखकर वीर्यपात करना बलात्कार नहीं" – जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास (छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट)

ऊपर से हम लड़की को‌ लक्ष्मी भी मानते हैं, देवी मानकर पूजा भी करते हैं, देश को मां मानते हैं, धरती को मां मानते हैं, नदी पहाड़ सबको मां मानते हैं....

Post Credit @Manoj Nanda ✍️

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