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होलिका दहन 2 मार्च को 3को चंद्रग्रहण के कारण 4 मार्च को मनेगी होली - आचार्य अजय शुक्ल

सलेमपुर, देवरिया।
प्रेम ,उत्साह व उमंग का त्योहार होली हर साल होलिका दहन के अगले दिन ही मनाई जाती है लेकिन इस बार अगले दिन खग्रास चंद्रग्रहण लगने के कारण यह त्योहार 4 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। उक्त बातें बताते हुए आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि होलिका दहन 2 मार्च सोमवार को किया जाएगा, भद्रा काल 2 मार्च की शाम से लेकर 3 मार्च सुबह 4 बजकर 56 मिनट तक है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार भद्रा काल मे कोई शुभ या मांगलिक कार्य नही किया जाता है इसी कारण से होलिका दहन या तो भद्रा समाप्त होने के बाद या फिर भद्रा पुच्छ काल मे किया जाए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस वर्ष होलिका दहन के लिए रात12 बजकर 50 मिनट से लेकर 2बजकर 2 मिनट तक का समय अनुकूल रहेगा।यह अवधि कुल 1घन्टा 12 मिनट का है और यही भद्रा का पुच्छ काल माना जाता है।धार्मिक मान्यता के अनुसार यह काल होलिका दहन के लिए उपयुक्त है।आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि अगले दिन 3 मार्च को पूरे देश में दृश्यमान खग्रास चंद्रग्रहण लग रहा है।ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से हो रहा है जो शाम को 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। 3 मार्च को लगने वाले ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगा जो शाम को 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।ऐसे में चंद्रग्रहण और सूतक काल होने के कारण रंगोत्सव का त्योहार होली 4 मार्च बुधवार को मनाया जाएगा।सूतक काल मे भोजन ढक कर रखना चाहिए, गर्भवती महिलाओं को कुक्षि में गैरिक ( गेरू) लगाएं तथा बाहर नहीं निकले,ग्रहण को कभी भी नग्न आँख से नही देखना चाहिए।ग्रहण के समय नवीन कार्य नही करें।

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