ईरान–इजराइल युद्ध का असर: खाड़ी देशों में फंसे बिहार के हजारों लोग, परिजन चिंतित..
ईरान–इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब बिहार तक पहुंच गया है। युद्ध जैसी स्थिति के कारण खाड़ी देशों में रह रहे बिहार के हजारों लोग फिलहाल वहीं फंसे हुए हैं। उनके परिजन राज्य में बैठकर लगातार फोन के माध्यम से उनकी सुरक्षा की जानकारी ले रहे हैं।
सबसे अधिक बिहारवासी सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान, बहरीन, कुवैत, मलेशिया, जॉर्डन, इराक और ईरान में कार्यरत हैं।
दोहा में मिथिलांचल के तीन परिवार
दोहा में मिथिलांचल के तीन परिवार रह रहे हैं। अररिया के विनय मिश्रा, धीरेन्द्र चौधरी और मधुबनी के नीरज चौधरी निजी कंपनियों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। इनका कहना है कि हवाई हमलों की खबर के बाद चिंता जरूर बढ़ी, लेकिन फिलहाल वे सुरक्षित हैं। सरकार की ओर से अलर्ट जारी किया गया है और सभी लोग एक-दूसरे के संपर्क में हैं।
हालांकि, बिहार में बैठे परिजन काफी चिंतित हैं और हर घंटे फोन कर हालचाल ले रहे हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि यदि हालात और बिगड़े तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
हैदराबाद एयरपोर्ट पर रोके गए यात्री
कई परिवार हैदराबाद से कतर जाने की तैयारी में थे, लेकिन उड़ानें रद्द होने के कारण उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। अररिया और पूर्णिया के कई लोग रात में वहीं रुके और रविवार को बिहार लौटने की योजना बनाई है। हालात सामान्य होने के बाद ही वे दोबारा कतर जा सकेंगे।
कुवैत से होली पर लौटना हुआ मुश्किल
कुवैत में बड़ी संख्या में बिहार के लोग कार्यरत हैं। पटना के गोला रोड निवासी श्रवण कुमार, जो कुवैत ऑयल कंपनी में इंजीनियर हैं, ने बताया कि मिसाइल हमले के बाद कई एयरलाइंस ने खाड़ी देशों के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं। हालांकि, हमले में कोई मानवीय क्षति नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि वे एक मार्च को होली के मौके पर भारत लौटने वाले थे, लेकिन मौजूदा हालात में यह संभव नहीं हो सका। कुवैत सरकार ने नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
भारतीय दूतावास की एडवाइजरी
कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर सभी भारतीयों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में दूतावास की हेल्पलाइन 96565501946 पर संपर्क करने को कहा गया है।
फिलहाल सभी प्रवासी भारतीय सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन युद्ध की आशंका ने बिहार के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।