श्रीरामपुर के सांसद कल्याण बनर्जी का बीजेपी की ‘परिवर्तन यात्रा’ पर तीखा हमला, बोले लोकतांत्रिक अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
हुगली। श्रीरामपुर के तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने बीजेपी की ‘परिवर्तन यात्रा’ को लेकर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि इससे तृणमूल या बंगाल की जनता को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 60 लाख लोगों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और इस मामले का शीघ्र समाधान जरूरी है। उनका कहना है कि कई बुजुर्ग नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 100 दिन के काम (मनरेगा) का पैसा बंद कर लोगों के पेट पर लात मारी गई है। पिछले पांच वर्षों से पश्चिम बंगाल को वंचित रखा गया है। उनका दावा है कि रथयात्रा या राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए जनता के गुस्से को दबाया नहीं जा सकता जनता सब समझती है।मतदाता सूची संशोधन को लेकर उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नाम हट गया है, वे तुरंत फॉर्म, 6 भरकर जमा करें।सभी नाम एकत्र कर मामला Supreme Court of India में पेश किया जाएगा। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह इस मामले पर नजर रख रहा है। 21 फरवरी के निर्देश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एसआईआर से जुड़े कार्यों के लिए न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। उनका मानना है कि दस्तावेजों और तथ्यों की सत्यता जांचने के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं है। न्यायाधीशों को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। 7–10 दिन की देरी से लाखों लोगों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि चुनाव ही लोकतंत्र की बुनियाद है। यदि मतदाताओं के अधिकार स्थगित किए जाते हैं तो यह लोकतंत्र के खिलाफ है। जिला जज, अतिरिक्त जिला जज सहित संबंधित न्यायाधीशों से उन्होंने जल्द फैसला लेने की अपील की। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी एक राम पाठा है बकरी भी दुध देती है शुभेंदु किसी काम का नही है। केंद्रीय बलों की तैनाती पर उन्होंने कहा, केंद्रीय बल आएं, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके पास बहुत कुछ है, लेकिन ममता बनर्जी के साथ जनता है।