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डायट आडिटोरियम में जनगणना के संबंध में फील्ड ट्रेंनर्स को दिया

डायट ऑडिटोरियम में जनगणना के संबंध में फील्ड ट्रेनर्स को दिया प्रशिक्षण
800 की जनसंख्या पर बनाया जाएगा एक एमएलबी
बदायूँ : 12 मार्च। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बदायूँ के ऑडिटोरियम में जनगणना 2027 के लिए जनपद स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स के प्रथम बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो कि आगामी 14 मार्च तक चलेगा वहीं द्वितीय बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 से 18 मार्च तक तथा तृतीय बैच का 23 से 25 मार्च तक निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर द्वारा जनगणना कार्य से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, परिभाषाएं, हाउस लिस्टिंग, लेआउट मैप तथा आंकड़ा संकलन की विधियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स एसके इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य संदीप भारती व एसके इण्टर कॉलेज के अध्यापक बृजेन्द्र कुमार द्वारा बताया गया कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से जनसंख्या से संबंधित सटीक आंकड़े प्राप्त होते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जाता है, इसलिए जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं सावधानी के साथ संपन्न कराना आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना 2027 के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग एवं हाउस नंबरिंग की प्रक्रिया, परिवार विवरण अंकन, भवनों के चिन्हांकन तथा लेआउट मैप तैयार करने की विधि का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को प्रपत्रों को सही तरीके से भरने, सूचनाओं का सत्यापन करने आदि के संबंध में भी जानकारी दी गई। बताया कि जनपद में जनगणना 2027 के लिए 03 मास्टर ट्रेनर्स, 108 फील्ड ट्रेनर्स बनाए गए हैं तथा लगभग 1100 सुपरवाइज़र व 6700 प्रगणक (इन्यूमेरेटर) बनाए गए है।
मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि एक मकान सूचीकरण ब्लॉक (एमएलबी) 800 की जनसंख्या पर बनाया जाएगा, जिसमें प्रगणक को एमएलबी एप इंस्टॉल कर कार्य करना है। नजरी नक्शे से भवनों एवं जनगणना मकानों की अपेक्षित संख्या भरनी है। घर-घर जाकर मोबाइल एप में सूचना दर्ज करनी है। डेटा को नियमित रूप से सिंक करना है। यदि किसी परिवार ने स्वगणना की है तो एसई आईडी प्राप्त कर डेटो सत्यापित करते हुए स्वीकार करना है या आवश्यकतानुसार एडिट करना है।
मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि पर्यवेक्षक(सुपरवाइज़र) को क्षेत्र में सभी एचएलबी सीमाओं का सत्यापन करना है तथा यह सुनिश्चित करना है कि कोई एचएलबी छूट न जाए अथवा उसका दोहराव न हो। एचएलबी सीमा में कोई बदलाव है तो चार्ज अधिकारी को सूचित करना है। पर्यवेक्षक प्रत्येक प्रगणक की प्रगति की निगरानी भी करेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे फील्ड ट्रेनर्स की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें निर्देश दिए गए कि जनगणना से संबंधित कार्य समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण किया जाए। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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