WCL की उच्च स्तरीय त्रैमासिक सुरक्षा बैठक संपन्न, सुरक्षा में लापरवाही पर 'जीरो टॉलरेंस' का कड़ा संदेश
सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के परिसरों को अधिक सुरक्षित और अभेद्य बनाने के उद्देश्य से सुरक्षा विभाग द्वारा आज एक महत्वपूर्ण त्रैमासिक सिक्योरिटी बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कंपनी के निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. हेमंत शरद पांडे ने की।
बैठक में WCL के सभी क्षेत्रों के सुरक्षा अधिकारी, सुरक्षा प्रभारी और महाराष्ट्र सुरक्षा सेवा निगम (MSSC) के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी (Senior Security Officers) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई, मौजूदा चुनौतियों का आकलन किया गया और भविष्य की रणनीतियों पर मंथन हुआ।
बैठक के प्रमुख निर्णय और निर्देश
डॉ. हेमंत शरद पांडे ने उत्कृष्ट सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले क्षेत्रों की कार्यप्रणाली की सराहना की और सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कड़े निर्देश दिए जिसमें सुरक्षा से जुड़े किसी भी गंभीर मसले या लापरवाही पर प्रबंधन द्वारा 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाई जाएगी। सुरक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और गति लाने के लिए मैनुअल RFID कार्ड के उपयोग को पूरी तरह से बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। अब पूरी तरह से डिजिटल और स्वचालित प्रणाली पर जोर दिया जाएगा। कंपनी के सभी क्षेत्रों में मौजूद सुरक्षा चेक पोस्टों की तत्काल प्रभाव से मरम्मत और उन्हें आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित करने को कहा गया है। सुरक्षा के मोर्चे पर अदम्य साहस और उत्कृष्ट कार्य का प्रदर्शन करने वाले सुरक्षाकर्मियों को चिन्हित कर उन्हें विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा, ताकि उनका मनोबल ऊँचा रहे। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान (Communication) को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
यह त्रैमासिक बैठक स्पष्ट रूप से यह संदेश देती है कि WCL प्रबंधन अपने कर्मचारियों और संपत्तियों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। तकनीकी अपग्रेडेशन और कड़े प्रशासनिक फैसलों के माध्यम से कंपनी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को एक नए और आधुनिक स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।