बीज ही किसान की असली ताकत है!
ग्राम भिनैनी में किसानों ने चुनी गेहूं की सर्वश्रेष्ठ किस्में: 'मुंडी' और 'पैगामवारी' बनीं पहली पसंद
जबेरा (दमोह): कृषि में पारंपरिक बीजों के संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम भिनैनी में एक विशेष 'क्रॉप डाइवरसिटी ब्लॉक' (CDB) प्रदर्शन का आयोजन किया गया। मानव जीवन विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में किसान - श्री कल्याण सिंह के खेत पर गेहूं की 8 अलग-अलग प्रजातियों (पैगामवारी, मुंडी, काला गेहूं, वंशी, खैरा, गुलामबारी, 322, शरवाती ) का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में 'भागीदारी किस्म चयन' (PVS) प्रक्रिया अपनाई गई, जहाँ किसानों ने स्वयं किस्म का मूल्यांकन किया - बाली की गुणवत्ता, दाने की चमक और रोग प्रतिरोधक क्षमता का निरीक्षण किया। विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों की उपस्थिति में हुए इस मूल्यांकन में 'मुंडी' और 'पैगामवारी' को स्थानीय वातावरण के अनुकूल और उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ पाया गया।
संस्था सचिव श्री निर्भय सिंह के मार्गदर्शन में हुए इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को बाजार के बजाय अपने ही खेत से उत्तम बीज चुनने में सक्षम बनाना है। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी और मानव जीवन विकास समिति की टीम ने किसानों को विविधतापूर्ण खेती के लाभ समझाए।