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सुपर वेरिएंट का खतरा: वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा

अमेरिका में इस समय कोरोना का एक नया वेरिएंट तेजी से फैल रहा है, जिसे BA.3.2 नाम दिया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह वेरिएंट मौजूदा वैक्सीन से मिलने वाली इम्यूनिटी को कुछ हद तक कमजोर कर सकता है। इससे चिंता बढ़ रही है, हालांकि अभी तक इसके गंभीर प्रभाव पूरी तरह सामने नहीं आए हैं।

यह नया वेरिएंट ओमिक्रॉन का ही एक प्रकार है, जो सबसे पहले 2024 में दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। इसके बाद 2024 में ही अमेरिका में इसकी पहचान हुई। धीरे-धीरे यह कई देशों में फैल चुका है और अब तक 20 से ज्यादा देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं।

खास बात यह है कि यह वेरिएंट सिर्फ मरीजों में ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट के सीवेज सैंपल में भी पाया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसका फैलाव दिखने से कहीं ज्यादा हो सकता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, BA.3.2 के स्पाइक प्रोटीन में करीब 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं। यही स्पाइक प्रोटीन वायरस को मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करता है। इन बदलावों की वजह से यह वेरिएंट तेजी से फैल सकता है और शरीर की इम्यूनिटी को चकमा दे सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लैब में किए गए परीक्षणों से पता चला है कि मौजूदा कोरोना वैक्सीन (जो JN.1 जैसे वेरिएंट के लिए बनाई गई हैं) BA.3.2 के खिलाफ उतनी प्रभावी नहीं हो सकतीं। इसलिए वैज्ञानिक भविष्य में वैक्सीन अपडेट करने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

हालांकि राहत की बात यह है कि इस वेरिएंट से बीमारी की गंभीरता फिलहाल कम देखी जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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