दर्द से तड़पती गाय को युवाओं ने दिया जीवनदान, मानवता की मिसाल बनी घटना
ग्वालियर के मुरार क्षेत्र स्थित SLP कॉलेज के पास एक दर्दनाक दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक गाय गंभीर बीमारी और गहरे घाव के कारण तड़प रही थी। हैरानी की बात यह रही कि वहां से गुजरने वाले हजारों लोगों ने इस पीड़ा को देखा, लेकिन किसी ने भी मदद के लिए कदम नहीं बढ़ाया।
इसी बीच जब अंकित राजपूत और अमन शर्मा की नजर उस गाय पर पड़ी, तो उन्होंने बिना देर किए मदद का जिम्मा उठाया। भीषण गर्मी और भरी दोपहरी में सबसे पहले उन्होंने पास की गौशाला से संपर्क किया, लेकिन वहां से कोई सहायता नहीं मिल सकी।
हिम्मत न हारते हुए दोनों युवाओं ने तुरंत सरकारी नंबर पर कॉल कर पशु एम्बुलेंस को बुलाया। कुछ ही समय में एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायल गाय का उपचार शुरू किया गया। इस सराहनीय कार्य से दोनों युवाओं ने न सिर्फ एक बेजुबान की जान बचाई, बल्कि एक सच्चे भारतीय होने का फर्ज भी निभाया।
यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है—क्या हमारी संवेदनाएं इतनी कमजोर हो गई हैं कि हम किसी की पीड़ा को अनदेखा कर दें?
साथ ही, यह भी देखने में आया कि “आदर्श गौशाला”, जिसे मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी गौशालाओं में गिना जाता है, से इस मामले में कोई मदद नहीं मिल सकी। यह व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से निवेदन है कि गौ रक्षा और पशु सेवा के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बेजुबान को इस तरह की पीड़ा न सहनी पड़े।
👉 संदेश साफ है—मानवता सबसे बड़ा धर्म है, और सेवा ही सबसे बड़ी पूजा।