कोसी तटबन्ध की सरकारी जमीन पर दबंगों ने अतिक्रमण कर बनाई पक्की भवन दुकानें,
किराये से कर रहे उगाही, डीएम व कोसी प्रोजेक्ट से ग्रामीणों ने की शिकायत।
सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड के कोसी तटबन्ध की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वहीं प्रखंड सह अंचल क्षेत्र के उटेशरा, गोरदह व चानन पंचायत में कोसी बांध की सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर पक्की संरचना कर खुलेआम अतिक्रमण करते उगाही का मामला सामने आया है। बाढ़ पीड़ित भूमिहीन परिवारों ने जिला प्रशासन और कोसी प्रोजेक्ट के नाम आवेदन देकर आरोप लगाया है कि दबंगों द्वारा बांध पर पक्के भवन व दुकानें बनाकर उन्हें किराए पर दिया जा रहा है और अवैध उगाही की जा रही है। जबकि वास्तविक जरूरतमंद खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। पीड़ितों के अनुसार हर वर्ष आयी बाढ़ में घर-बार उजड़ने के बाद वे कोसी बांध पर शरण लेते हैं, लेकिन वहां भी उन्हें दबंगों के उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। जिसका विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज व धमकी दी जाती है। यहां तक कि शौच व दैनिक जरूरतों के लिए भी उन्हें अपमान झेलना पड़ता है। दिए आवेदन में पीड़ितों ने बताया कि इस संबंध में कई बार स्थानीय प्रशासन को आवेदन देकर अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे आक्रोशित होकर बेघर भूमिहीन परिवारों के सुलेखा देवी, कंचन देवी, बिंदुला देवी, गुंजन देवी, गीता देवी, पूजा देवी, शनिचरी देवी, कंचन देवी, महेश्वर सादा, सुक्कन सादा, रौशन सादा, चन्द्रकला देवी, नीलम देवी, रिंकी देवी, रीना देवी, रम्भा देवी सहित करीब पांच दर्जन से अधिक भूमिहीन बाढ़ पीड़ित परिवारों ने संयुक्त हस्ताक्षर के साथ जिलाधिकारी सह मुख्य अभियंता, कोसी प्रोजेक्ट सहरसा को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। दिए आवेदन में कहा है कि हम सभी बाढ़ पीड़ित भूमिहिन हैं। एक मात्र रहने व गुजर बसर के लिए कोसी बांध ही एक मात्र हमसभी बेघर परिवारों के लिए सहारा है। उन्होंने अवैध पक्के निर्माण को तत्काल ध्वस्त कर अतिक्रमण मुक्त कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साथ ही आवेदन की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी सिमरी बख्तियारपुर, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण सिंचाई विभाग, सलखुआ अंचलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक सहरसा को भी भेजा है। देखने वाली बात होगी इस मामलें में कार्रवाई होती है। सीओ पुष्पांजलि कुमारी ने कही की कर्मी हड़ताल पर हैं, आने के बाद स्थल निरीक्षण रिपोर्ट आने पर विभागीय अधिकारियों से मिले निर्देश पर अग्रतर कार्रवाई कर अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा, साथ ही भूमिहीनों को 3 से 5 डिसमिल जमीन का पर्चा देकर बसाने की दिशा में पहल की जाएगी।