अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र स्थायी राजधानी बनाने वाला विधेयक पास
नई दिल्ली: लोकसभा ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र स्थायी राजधानी घोषित करने वाले विधेयक को पारित कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजधानी को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय को कई प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन मिला। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और तेलुगु देशम पार्टी ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे राज्य के विकास के लिए जरूरी बताया।
वहीं, वाईएसआर कांग्रेस ने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि यह फैसला असंवैधानिक है और इससे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ सकता है।
अमरावती के समर्थन में लोगों के बीच खुशी का माहौल देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में नागरिकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे राज्य के विकास और प्रशासनिक स्थिरता के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, जिससे आंध्र प्रदेश को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।