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केराकत से 'भीम यात्रा' का हुंकार: 2027 के लिए सपा ने कसी कमर

केराकत (जौनपुर): उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी ने केराकत विधानसभा में 'भीम यात्रा' के जरिए सामाजिक जागरण और सत्ता परिवर्तन का बिगुल फूंक दिया है। सोमवार को केराकत स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित महाराज निषाद राज की जयंती और मासिक बैठक में कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का संकल्प लिया।
​14 अप्रैल को सड़कों पर उतरेगा 'लाल टोपी' का कारवां
​बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद विधायक तूफानी सरोज ने घोषणा की कि आगामी 14 अप्रैल को सुबह 7 बजे पार्टी कार्यालय से 'भीम यात्रा' निकाली जाएगी। यह यात्रा क्षेत्र के प्रमुख बाजारों से गुजरते हुए जनता के बीच सामाजिक न्याय का संदेश पहुँचाएगी और सुबह 10 बजे वापस कार्यालय पर संपन्न होगी।
​अमरौना में होगा भव्य समापन, सांसद प्रिया सरोज करेंगी अनावरण
​इस अभियान का मुख्य आकर्षण ग्राम पंचायत अमरौना में होगा। यहाँ सांसद प्रिया सरोज द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इस बार अंबेडकर जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की विदाई के 'संकल्प दिवस' के रूप में मनाई जाएगी।
​PDA की ताकत से भाजपा को चुनौती
​विधानसभा अध्यक्ष नीरज पहलवान ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा:
​"PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज की एकजुटता ही वह चाबी है, जो 2027 में सत्ता का ताला खोलेगी और भाजपा को पराजित करेगी।"
​वहीं पार्टी के अन्य वक्ताओं ने निषाद समाज की निर्णायक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पिछड़ों और वंचितों का गठबंधन इस बार प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर करेगा।
​बैठक में रही दिग्गजों की मौजूदगी
​पवन मंडल के सफल संचालन में हुए इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख चेहरों सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रमुख रूप से संजय सरोज, भगवती सरोज, सुरेश यादव, मनोज चौहान, रामेश्वर मौर्य, आजाद कुरैशी, और प्रमोद गौड़ सहित अन्य पदाधिकारियों ने चुनावी तैयारियों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई।
​बॉटम लाइन: सपा की यह 'भीम यात्रा' केवल एक सांकेतिक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि केराकत के ग्रामीण इलाकों में दलित और पिछड़ा वर्ग को एक मंच पर लाने की एक सोची-समझी सियासी कवायद मानी जा रही है।

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