इजरायल का लेबनान पर कहर, हमले में 89 लोगों की मौत, अस्पतालों में कम पड़ी जगह
मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। लेबनान पर इजरायल के भीषण हवाई हमलों ने भारी तबाही मचा दी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बुधवार को हुए हमलों में कम से कम 89 लोगों की मौत हुई और 700 लोग घायल हुए। हमलों के बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई, जबकि अस्पतालों पर घायलों का दबाव तेजी से बढ़ गया।
रॉयटर्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है, लेकिन हमलों की तीव्रता इतनी ज्यादा रही कि कई रिहायशी इलाके भी इसकी चपेट में आ गए। संयुक्त राष्ट्र ने इन हमलों में नागरिकों के हताहत होने की खबरों को “चौंकाने वाला” बताया है।
इस हमले के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर लेबनान में हमले नहीं रुके, तो अमेरिका के साथ चल रही शांति प्रक्रिया और युद्धविराम व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र स्थित राजदूत ने कहा कि तेहरान अब अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता में बेहद सावधानी और अविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा।
उधर, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान के नए रुख ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने वहां जहाजों की आवाजाही पर सख्त सैन्य समन्वय और नियंत्रण की बात कही है। यह इलाका वैश्विक तेल आपूर्ति का बेहद अहम मार्ग माना जाता है, इसलिए यहां किसी भी तनाव का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल कीमतों पर पड़ सकता है।
लेबनान में जारी इस सैन्य कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष अब और ज्यादा खतरनाक मोड़ ले चुका है। एक तरफ लेबनान में तबाही का मंजर है, तो दूसरी तरफ ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ता टकराव पूरी दुनिया के लिए नई चिंता बन गया है।