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रामायण पाठ से बंद, लक्ष्मी पूजन से फिर खुली शराब दुकान – 17 साल बाद 8 घंटे में 2.50 लाख की बिक्री

पलारी । आस्था और व्यापार के अनोखे संगम की एक दिलचस्प तस्वीर संडी बंगला में देखने को मिली है। करीब 17 साल पहले जहां अखंड रामायण पाठ के बाद शराब की दुकान बंद करवा दी गई थी, वहीं अब उसी स्थान पर लक्ष्मी माता की तस्वीर लगाकर दुकान दोबारा शुरू कर दी गई। गुरुवार को जैसे ही दुकान खुली, देखते ही देखते महज 8 घंटे में 2.50 लाख रुपये की शराब की बिक्री हो गई।

रामायण पाठ से बंद हुई थी दुकान
साल 2009 में संडी बंगला और आसपास के गांवों—खैरा, लुट्टूडीह, जारा और रेंगाडीह—के ग्रामीण बढ़ते अपराध और सामाजिक अव्यवस्था से काफी परेशान थे। इसके विरोध में लोगों ने एकजुट होकर अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया। इस धार्मिक आयोजन का असर इतना व्यापक हुआ कि प्रशासन को यहां संचालित शराब दुकान बंद करनी पड़ी। इसके बाद से करीब डेढ़ दशक तक क्षेत्र में वैध शराब बिक्री पूरी तरह ठप रही।

अवैध कारोबार ने बदली स्थिति
समय के साथ हालात बदले और क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार तेजी से फैलने लगा। इससे न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि सामाजिक समस्याएं भी बढ़ने लगीं। इसको देखते हुए स्थानीय व्यापारी संघ ने प्रशासन से वैध दुकान फिर से खोलने की मांग की। लंबी प्रक्रिया के बाद आखिरकार प्रशासन ने दुकान संचालन की अनुमति दे दी।
लक्ष्मी माता की तस्वीर से हुई शुरुआत

दुकान खुलने के दिन एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। व्यापार की समृद्धि के प्रतीक के रूप में दुकान में लक्ष्मी माता की तस्वीर स्थापित कर पूजा-अर्चना के साथ बिक्री शुरू की गई। कुछ लोगों ने इसे परंपरा और व्यापार का संतुलन बताया, तो वहीं कई ग्रामीणों ने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ करार दिया।

पहले ही दिन रिकॉर्ड बिक्री
दुकान खुलते ही ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से लेकर शाम तक लगातार खरीदारी होती रही और महज 8 घंटे में 2 लाख 50 हजार रुपये की शराब बिक गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह बिक्री किसी बड़े त्योहार जैसी रही।

इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। एक ओर व्यापारी वर्ग इसे आर्थिक गतिविधियों के पुनर्जीवन के रूप में देख रहा है, वहीं दूसरी ओर कई ग्रामीण इसे सामाजिक और धार्मिक मूल्यों के विपरीत मान रहे हैं।

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