बाराती बनकर पहुंची पुलिस ! ट्रैक्टर मे छापा, 08 जुआरी रंगे हाथ गिरफ्तार
csGHRITLAHRE AIMA MEDIA//सक्ती। जिले में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशानुसार थाना-चौकी क्षेत्रों में जुआ, सट्टा, अवैध शराब एवं प्रतिबंधित मादक पदार्थों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में चौकी फगुरम प्रभारी उप निरीक्षक अनवर अली द्वारा एक अनोखी रणनीति अपनाते हुए बाराती बनकर ट्रैक्टर में पुलिस टीम को लेकर जुआ अड्डे पर दबिश दी गई, जिसमें आठ जुआड़ी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
दिनांक 09 अप्रैल 2026 को चौकी फगुरम क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कानाकोट के खार नहर किनारे आम जगह पर जुआ खेलने की सूचना मुखबिर से प्राप्त हुई। सूचना को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सक्ती श्री पंकज पटेल को अवगत कराकर दिशा-निर्देश प्राप्त किए गए। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी पुलिस डभरा श्री सुमित गुप्ता एवं थाना प्रभारी डभरा श्री राजेश पटेल के मार्गदर्शन में संयुक्त टीम बनाई गई।
सूचना की तस्दीक़ के बाद फगुरम पुलिस, साइबर सेल सक्ती एवं नव आरक्षकों की संयुक्त टीम ने ट्रैक्टर में सवार होकर बाराती बनकर स्थल पर पहुंचते ही अचानक दबिश दी। मौके पर 52 पत्ती ताश से काटपत्ती जुआ खेलते हुए कुल 8 आरोपी पकड़े गए।
गिरफ्तार आरोपी —
दीपक कुमार साहू (मिरचीद, थाना बिलाईगढ़)
शिवम साहू (नगरदा, थाना बिलाईगढ़)
संजय साहू (देवरहा, थाना बिलाईगढ़) – जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़
भेषज किशोर साहू (पोरथा वार्ड 10, थाना सक्ती)
देवेंद्र साहू (चांटीपाली, थाना डभरा)
विरेन्द्र कुरे (लवसरा, थाना बाराद्वार)
राकेश कुमार सान्डे (झालरौंदा, थाना बाराद्वार)
दीपक कुमार चंद्रा (झालरौंदा, थाना बाराद्वार)
जब्ती —
नगदी राशि ₹26,000
07 मोबाइल फोन, कीमत लगभग ₹1,00,000
घटनास्थल से संदिग्ध स्थिति में दो कार, अनुमानित मूल्य 15-15 लाख
52 पत्ती ताश
जुआ खेलने-खेलाने के तीन आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। पकड़े गए सभी आरोपियों के विरुद्ध धारा 3(2) छत्तीसगढ़ जुआ निषेध अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कार्रवाई में योगदान देने वाले अधिकारी-कर्मचारी —
चौकी प्रभारी फगुरम उप निरीक्षक अनवर अली, साइबर सेल प्रभारी सी.पी. कंवर, आरक्षक जितेंद्र कंवर, दीपक साहू, अलेक्स मिंज, गोपाल साहू, प्रआर टीकम सिंह साव, प्रआर अश्विनी सिदार, प्रआर लक्ष्मीनारायण राठौर, आरक्षक फारुख खान, नान्हीराम यादव, दिनेश कुमार पटेल, अनिल रात्रे, अविनाश देवांगन एवं महिला आरक्षक सविता भारद्वाज का विशेष योगदान रहा।