सेवा की सजा? स्वच्छ झिर गंगा अभियान की बाइक का चालान, बाकी 25 को मिली छूट
6 साल से चुपचाप सफाई कर रही टीम, एक चालान ने खड़े कर दिए कई सवाल ।
“नियम सबके लिए समान हैं या नहीं?”—स्थानीय लोगों में आक्रोश ।
सामाजिक सेवा पर कार्रवाई से उठी निष्पक्षता पर बहस ।
नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका क्षेत्र की झिर रोड पर बीते कई वर्षों से एक अनोखी पहल चुपचाप चल रही थी—“स्वच्छ झिर गंगा अभियान”। बिना किसी प्रचार-प्रसार या सरकारी सहयोग के, एक छोटी सी टीम हर सुबह अपने क्षेत्र को साफ और स्वच्छ बनाने के मिशन में जुटी रहती थी। इन लोगों की पहचान सिर्फ इतनी थी कि ये रोज़ सुबह बाइक पर निकलते, जहां लोग कूड़ा फेंक जाते, वहां खुद सफाई करते और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते। पिछले 6 सालों से यह सेवा बिना किसी रुकावट के जारी थी। लेकिन हाल ही में हुई एक घटना ने इस अभियान की भावना को झकझोर कर रख दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब टीम रोज़ की तरह अपने कार्य में जुटी हुई थी, तभी पुलिस चौकी के आईओ यूसुफ खान मौके पर पहुंचे। उन्होंने टीम की एक बाइक को रोका और चालान काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी। टीम के सदस्यों ने विनम्रता से समझाने की कोशिश की कि यह बाइक पूरे दिन सफाई अभियान में लगी रहती है और यह एक सामाजिक व धार्मिक सेवा का हिस्सा है। लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज करते हुए चालान काट दिया गया। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब उसी दौरान करीब 25 अन्य बाइकें उसी रास्ते से गुजरीं, लेकिन पुलिस ने किसी को नहीं रोका। इससे टीम और स्थानीय लोगों के मन में यह सवाल गहराने लगा कि “अगर नियम सबके लिए समान हैं, तो कार्रवाई भी समान क्यों नहीं?” इस घटना ने टीम के सदस्यों को भावनात्मक रूप से आहत किया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक चालान नहीं था, बल्कि 6 साल से चल रही उनकी निस्वार्थ सेवा का अपमान था। एक सदस्य ने कहा “हमने कभी किसी से कुछ नहीं मांगा, बस अपने क्षेत्र को साफ रखने की कोशिश की… लेकिन बदले में हमें यह मिला।” यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। लोग प्रशासन से निष्पक्षता और समान व्यवहार की मांग कर रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सामाजिक सेवा करने वालों को प्रोत्साहित करने की बजाय इस तरह की कार्रवाई उचित है? हालांकि इस घटना के बावजूद स्वच्छ झिर गंगा अभियान की टीम अपने कार्य में लगी हुई है। उनका कहना है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने मिशन को नहीं छोड़ेंगे। लेकिन उस दिन की घटना उनके मन में एक गहरा सवाल छोड़ गई है