राजस्थान में सरकारी शिक्षा तंत्र नें सामान्यजन में विश्वास मजबूत किया, शिक्षामंत्री दिलावर का परिश्रम काम आया - अरविन्द सिसोदिया
कोटा । राजस्थान भाजपा के मीडिया विभाग के कोटा संभाग संयोजक एवं राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा घोषित ‘नया शिक्षा मॉडल’ एवं हालिया शैक्षणिक उपलब्धियों का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थान में पहली बार सरकारी शिक्षा तंत्र ने सफलता के नए झंडे गाड़े हैं और यह शिक्षा मंत्री दिलावर के सतत परिश्रम, दूरदर्शी सोच एवं व्यवहारिक रूप से प्रभावी नीतियों का परिणाम है।"
उन्होंने कहा कि " इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है। 12 लाख विद्यार्थियों में से 11,500 से अधिक छात्रों का 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करना न केवल प्रतिस्पर्धा के प्रगति स्तर को दर्शाता है, बल्कि सरकारी स्कूलों में व्यापक शैक्षिक सुधार को प्रमाणित करता है, वहीं विशेष रूप से एक दिव्यांग छात्र द्वारा 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करना पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि है। जो सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास बढ़ाने वाला भी साबित होगा। "
सिसोदिया ने कहा कि " टॉपर्स को ब्रांड एम्बेसडर बनाकर उनका प्रचार-प्रसार करना एक अभिनव पहल है, जिससे अन्य विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी और अभिभावकों का रुझान सरकारी विद्यालयों की ओर बढ़ेगा। उन्होंने छात्रों को सम्मानजनक नाम देने, जातिसूचक शब्दों पर रोक लगाने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी सराहनीय बताया।"
सिसोदिया ने कहा कि " बोर्ड परीक्षाओं में दो अवसर देने के निर्णय को विद्यार्थियों के हित में बताते हुए कहा कि इससे उन्हें स्वयं का सुधार का अवसर मिलेगा और परीक्षा का मानसिक दबाव कम होगा। वही स्कूलों की ‘वंदे मातरम’ से शुरुआत और ‘जन गण मन’ से समापन जैसे निर्णयों को उन्होंने विद्यार्थियों में राष्ट्रभावना और अनुशासन को सुदृढ़ करने वाला बताया।"
सिसोदिया नें कहा कि प्रवेश उत्सव, हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का अभियान, एलुमनाई मीट की शुरुआत तथा पीटीआई द्वारा प्रत्येक पीरियड में खेल गतिविधियों को अनिवार्य करना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों की भागीदारी से विद्यालयों को नई ऊर्जा और मार्गदर्शन मिलेगा।
सिसोदिया ने कहा कि " प्रदेश के हजारों विद्यालयों को जमीन का पट्टा देने की योजना से दूरगामी एवं आधारभूत सुधार होगा। इससे विद्यालयों की स्थायित्व और विकास की दिशा मजबूती होगी। साथ ही, आरटीई के तहत वास्तविक गरीब विद्यार्थियों को प्राथमिकता देने का निर्णय सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने वाला है।"
सिसोदिया ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के नेतृत्व में राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा और यह ‘नया शिक्षा मॉडल’ अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श उदाहरण बनेगा। वहीं शैक्षिक गुणवत्ता से आम गरीब, बंचित और मध्यमवर्ग के छात्रों में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार होगा।