जयपुर में निजी स्कूलों की मनमानी! एडमिशन के साथ किताबों और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से वसूली का आरोप
जयपुर में नए शैक्षणिक सत्र के साथ कई निजी स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी के साथ अभिभावकों को बच्चों के लिए नई किताबें और स्कूल ड्रेस भी खरीदनी पड़ रही है। लेकिन इन सबके बीच निजी स्कूलों पर एक बड़ा खेल करने का आरोप लग रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि कई निजी स्कूल किताबों के नाम पर भारी लूट मचा रहे हैं। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन कुछ निजी प्रकाशकों के साथ मिलकर बच्चों की किताबें बाजार मूल्य से काफी अधिक दर पर बेचवा रहे हैं। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
बताया जा रहा है कि स्कूलों द्वारा तय दुकानों या विशेष विक्रेताओं से ही किताबें और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे अभिभावकों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। अभिभावकों का आरोप है कि यह पूरा खेल कमीशन और सांठगांठ के आधार पर चल रहा है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले संस्थानों में बच्चों की पढ़ाई के नाम पर आखिर यह वसूली कब तक चलेगी। जरूरत है कि प्रशासन और शिक्षा विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।