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विधायिका में महिलाओं के लिए आरक्षण: 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय - पीएम मोदी

👉विधायिका में महिलाओं के लिए आरक्षण: 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय - पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अप्रैल, 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित किया। उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण कानून) को लागू करने के लिए लाए जाने वाले संशोधन विधेयक को 21वीं सदी का सबसे ऐतिहासिक निर्णय बताया।

▪️इस संबोधन की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
ऐतिहासिक बदलाव की ओर संसद
नया इतिहास: पीएम मोदी ने कहा कि देश की संसद एक ऐसा नया इतिहास रचने के निकट है जो अतीत की संकल्पनाओं और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।
सामाजिक न्याय: उन्होंने एक समतावादी भारत की कल्पना पर बल देते हुए कहा कि सामाजिक न्याय अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग है।
दशकों की प्रतीक्षा का अंत: प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य विधानसभाओं से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी के लिए दशकों से चली आ रही प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है।
▪️कार्यान्वयन की योजना और विशेष सत्र.
2029 का लक्ष्य: प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में पारित इस अधिनियम को हर हाल में 2029 तक क्रियान्वित करने का लक्ष्य है।
संसद का विशेष सत्र: इस अधिनियम को अंतिम रूप देने और संशोधनों पर चर्चा करने के लिए संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल से 18 अप्रैल, 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
सर्वसम्मति की अपील: उन्होंने सभी दलों से इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर एक साथ आने की अपील की, ताकि लोकतंत्र सुदृढ़ हो सके।

प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से 'नारी शक्ति' के वंदन और उनके सशक्तिकरण को समर्पित है।

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