इटवा में खान-पान महंगा: मनमानी रेट से जनता परेशान, प्रशासन पर उठे सवाल
इटवा (सिद्धार्थनगर)।
सिद्धार्थनगर जिले के इटवा क्षेत्र में इन दिनों खान-पान से जुड़ी वस्तुओं के दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक आदेश के कीमतें बढ़ाए जाने से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में चाय, नाश्ता, भोजन सहित दैनिक उपयोग की कई खाद्य वस्तुओं के दामों में एकाएक इजाफा कर दिया गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि पहले से निर्धारित रेट लिस्ट का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें मजबूरी में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महंगाई की मार पहले से ही झेल रही जनता के लिए यह नई बढ़ोतरी किसी अतिरिक्त बोझ से कम नहीं है। खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है, जिनका दैनिक बजट पूरी तरह बिगड़ता नजर आ रहा है।
इस पूरे मामले में प्रशासन की निष्क्रियता भी सवालों के घेरे में है। अब तक न तो किसी प्रकार की जांच की सूचना सामने आई है और न ही दुकानदारों पर कोई कार्रवाई होती दिख रही है। इससे व्यापारियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं और मनमानी तरीके से कीमतें वसूली जा रही हैं।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई जाए और सभी दुकानदारों को निर्धारित रेट लिस्ट के अनुसार ही वस्तुएं बेचने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
इटवा में खान-पान की वस्तुओं की बढ़ती कीमतें न सिर्फ आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही हैं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और जनता को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।