दमोह CMHO डाॅ. राजेश अठ्या पर
PCPNDT Act. एवं भ्रष्टाचार
शासकीय वाहन का दुरूपयोग के मामले में जांच शुरू....!
डिप्टी कमिश्नर सागर ने दिये जांच के आदेश
दमोह/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. राजेश कुमार अठ्या आये दिन चर्चाओं में बने रहते हैं, जब से इन्होंने दमोह जिले का पद संभाला तब से स्वास्थ्य सेवाऐं चरमरागई, जिला चिकित्सालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवायें ढप्प पड़ी हैं, लेकिन कागजों में सब सही चल रही हैं, आये दिन अखबारों में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुलती हैं ।
इनके द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया सेडमैप के माध्यम से हुई नियुक्तियां हो या बगैर निविदा प्रत्त्यिा के लाखों रूपये के प्रिंटिंग या खरीदी कार्य करवायें गये हो, या शासकीय वाहन का अपने निजी काम में उपयोग किया जाना,
ये अधिकारी.... एक शास. सेवक होने के बाबजूद नियम कायदों को ताक पर रखकर अपने निजनिवास कटनी में सोनोग्राफी सेन्टर संचालित करना प्रशासन को खुली चुनौता देता हैं ...!
क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें सागर संभाग, सागर के आदेश को किया दरकिनार ।
स्वास्थ विभाग दमोह में चल रही अनियमितताओं के संबंध में सूचना के अधिकार के नियम के तहत मांगी गयी जानकारी को समय सीमा में उपलब्ध नहीं कराई गयी । विगत 10 माह में शासकीय योजनाओं के नाम पर स्वास्थ्य विभाग से लाखों रूपयों का फर्जी वाड़ा किया गया हैं । जिसकी जानकारी नियम अनुसार मेरे द्वारा मांगी गई थी, संबंधित अधिकारी ने जानकारी देने से मना कर दिया
गया ।
तदपश्चात प्रथम अपीली अधिकारी सागर के समझ अपनी शिकायत दर्ज कर सागर अधिकारी द्वारा लिखित रूप में एक सप्ताह का समय दिया गया था, उसके बाबजूद भी अधिकारी द्वारा समय पर जानकारी उपलब्ध न कराना नियम विरूद्ध तरीके से काम करना इसकी पहचान हैं ।