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कुंडवा उर्फ दिलीपनगर में नल जल योजना फेल, दोबारा डाली गई पाइपलाइन भी बार-बार लीक

कुशीनगर जिले के ग्राम कुंडवा उर्फ दिलीपनगर में नल जल योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन ग्रामीणों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनती जा रही है। योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस योजना के तहत पाइपलाइन एक बार दोबारा भी डाली जा चुकी है, इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जैसे ही पानी की सप्लाई शुरू होती है, पाइपलाइन जगह-जगह से लीक होने लगती है। पाइप जमीन के नीचे बिछाई गई है, फिर भी बार-बार लीकेज की समस्या सामने आ रही है। नतीजतन, पानी की आपूर्ति कुछ समय बाद ही बंद कर दी जाती है। इसके बाद मरम्मत कार्य शुरू होता है, जिसमें कई दिन लग जाते हैं। मरम्मत के बाद जब फिर से पानी छोड़ा जाता है, तो एक-दो दिन के भीतर ही पाइपलाइन दोबारा लीक हो जाती है और समस्या जस की तस बनी रहती है।
गांव में बना पानी का टैंक भी अब काफी पुराना हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि इस टैंक के निर्माण को लगभग 15 वर्ष बीत चुके हैं, जिसके चलते इसकी स्थिति भी कमजोर हो गई है और इसका असर जल आपूर्ति व्यवस्था पर साफ दिखाई देता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कनेक्शन देने के नाम पर उनसे आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज जमा कराए गए और उनके घरों के दरवाजे पर नल (टोटी) लगा दी गई। इसके बावजूद उन्हें नियमित रूप से पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि मौके पर न तो कोई ठेकेदार उपलब्ध रहता है और न ही संबंधित विभाग का कोई अधिकारी, जिससे ग्रामीण अपनी शिकायत या समस्या साझा कर सकें। जानकारी के अभाव में लोगों को यह भी नहीं पता चल पाता कि मरम्मत कब होगी या पानी की आपूर्ति कब बहाल की जाएगी।
इस संबंध में गांव के निवासी विकास, आलोक, श्यामला, सत्तन, अरविंद, अभिषेक, बच्चन, उपेंद्र, बृजेश और आकाश सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रोजेक्ट की निष्पक्ष जांच कराई जाए और स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें नियमित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।
यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह योजना अपने उद्देश्य से भटकती नजर आएगी और ग्रामीणों की समस्याएं यूं ही बनी रहेंगी।

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