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उत्तर प्रदेश के बहराइच में पत्रकारों पर FIR से मचा बवाल, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला!जनपद बहराइच में पत्रकारों पर दर्ज हुई

उत्तर प्रदेश के बहराइच में पत्रकारों पर FIR से मचा बवाल, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला!
जनपद बहराइच में पत्रकारों पर दर्ज हुई FIR को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने वाले दो पत्रकारों पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पत्रकार संगठनों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि नगर पालिका से जुड़े भ्रष्टाचार के मुद्दों को उठाने के बाद प्रशासन बौखला गया और EO प्रमिता सिंह के इशारे पर पत्रकार मसूद कादरी और पत्रकार रफीक उल्ला खान के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई। सूत्रों के अनुसार DM के निर्देश पर SP कार्यालय से कार्रवाई कराई गई, जिसके बाद जिले में पत्रकारों के बीच रोष व्याप्त है।
आरोप है कि जिन पत्रकारों ने जनता की आवाज उठाई और भ्रष्टाचार के मामलों को सामने लाने का प्रयास किया, उन्हीं को निशाना बनाया जा रहा है। इससे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पत्रकार संगठनों का कहना है कि अगर सच दिखाने वालों पर मुकदमे दर्ज होंगे, तो निष्पक्ष पत्रकारिता खतरे में पड़ जाएगी।
स्थानीय पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि प्रशासन अपनी नाकामियों और भ्रष्टाचार के आरोपों से ध्यान हटाने के लिए पत्रकारों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है।
अब मांग उठ रही है कि Press Council of India और प्रधानमंत्री कार्यालय इस पूरे मामले का संज्ञान लें तथा पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करें। लोगों का कहना है कि अगर पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो जनता की आवाज कौन उठाएगा।
बहराइच में इस कार्रवाई के बाद लोकतंत्र प्रेस या मीडिया की स्वतंत्रता से तात्पर्य भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) में दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार से है। यह स्वतंत्र पत्रकारिता को प्रोत्साहित करता है और लोगों को सरकार की कार्रवाइयों के पक्ष या विपक्ष में अपनी राय व्यक्त करने की अनुमति देकर लोकतंत्र को बढ़ावा देता है। उत्तर प्रदेश में एक ऐसा भी ज़िला है जिस का नाम बहराइच है जो अधिकारी अपनी कमी छुपाने के लिए एक दूसरे कर्मचारी का इस्तेमाल कर किसी भी थाने में fir लिखवा सकते है चौथा स्तंभ कहा गया है पत्रकार को लेकिन इस स्तंभ को कमजोर करने की कोशिश जिले बहराइच के अधिकारी करने लगे हैं इस पर उत्तर प्रदेश सरकार माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराई जाए कि किसने और कैसे मुकदमा पंजीकृत कर दिया

हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्र जनता का सच स्टेट ब्यूरो चीफ़ अब्दुल नासिर

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