राजस्थान में लू और तापघात से बचाव के लिए चिकित्सा विभाग की एडवायजरी
राजस्थान : राज्य में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने आमजन को लू और तापघात से बचाव के लिए विस्तृत एडवायजरी जारी की है। मौसम विभाग ने कहा है कि तापमान और बढ़ने की संभावना है, जिससे अल्ट्रावायलेट किरणों का सीधा प्रभाव शरीर पर पड़ सकता है।
डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने कुपोषित बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, श्रमिक, खिलाड़ी और ठंडी जलवायु से आए लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। उन्होंने दोपहर 10 से शाम 6 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। लू के लक्षणों में सिर में भारीपन, दर्द, चक्कर आना, तेज प्यास, शरीर का तापमान 105°F से ऊपर जाना और पसीना आना बंद होना शामिल हैं। गंभीर स्थिति में बेहोशी भी हो सकती है।
चिकित्सा विभाग ने खान-पान पर ध्यान देने, ताजा भोजन करने, पानी व फलों के रस का अधिक सेवन करने और बाहर निकलते समय छाता या कपड़े से सिर व शरीर को ढंकने की सलाह दी है। श्रमिकों के लिए छाया और पानी का उचित प्रबंध जरूरी है। वाहन में मोबाइल कम उपयोग करने, टायर में हवा कम रखने और फ्यूल टैंक फुल न करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। अस्पतालों में लू-तापघात के मरीजों के लिए 2 से 4 बेड आरक्षित रखे जाएंगे। जिलाअध्यक्ष हेमराज बैरवा ने भी एडवायजरी पालन का आह्वान किया है।