20 साल तक मेड बनकर करती रही करोड़ों की चोरी, घर में पाले थे 15 खूंखार कुत्ते दिल्ली पुलिस भी रह गई दंग
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में चोरी के एक बेहद चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है, जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पुलिस के मुताबिक, एक महिला अमीर परिवारों के घरों में घरेलू सहायिका यानी ‘मेड’ बनकर काम करती थी और मौका मिलते ही करोड़ों रुपये के सोने-हीरे के गहने चोरी कर फरार हो जाती थी।
साल 2008 से अप्रैल 2023 तक इस महिला के खिलाफ चोरी के करीब 6 बड़े मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि सिर्फ एक साल के भीतर ही उसने लगभग 8 करोड़ रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ किया।
जांच में पता चला कि लोग उसे “सोनिया” के नाम से जानते थे, लेकिन यह उसका असली नाम नहीं था। 46 वर्षीय यह महिला करीब 20 साल पहले अपने पति के साथ चेन्नई से दिल्ली आई थी। शुरुआत में उसने घरेलू काम करना शुरू किया, लेकिन बाद में उसने चोरी को ही अपना पेशा बना लिया।
महिला पहले किसी घर में कुछ दिनों तक काम करती, फिर परिवार की दिनचर्या, गहने रखने की जगह और घर की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखती थी। सही मौका मिलते ही वह लाखों-करोड़ों के जेवर लेकर गायब हो जाती थी।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उसने चोरी किए गए गहनों को बाजार में बेचने के बजाय एक अलग तरीका अपनाया। पुलिस के अनुसार, महिला ने कई बड़ी गोल्ड लोन कंपनियों में 15 अलग-अलग लॉकर खुलवा रखे थे। वह चोरी का सोना इन लॉकरों में जमा करती और उसके बदले करोड़ों रुपये का लोन लेती थी। अब तक पुलिस उसके लॉकरों से 2 किलो से ज्यादा सोना बरामद कर चुकी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि महिला अमीर घरों तक पहुंचने के लिए बड़े रिहायशी इलाकों के सुरक्षा गार्डों से दोस्ती करती थी और पता लगाती थी कि किस घर में काम करने वाली की जरूरत है।
पिछले अप्रैल में वह शालीमार बाग के एक कारोबारी के घर काम पर लगी थी। आरोप है कि घर में पूजा के दौरान उसने करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गहने चोरी किए और फरार हो गई।
महिला रोहिणी इलाके की एक तीन मंजिला इमारत में रहती थी। जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर टीम भी दंग रह गई। अपनी सुरक्षा के लिए उसने घर में पिटबुल और अमेरिकन बुली नस्ल के 15 खूंखार कुत्ते पाल रखे थे। पुलिस के अंदर घुसते ही कुत्तों ने हमला कर दिया, लेकिन काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने महिला को काबू कर लिया।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम “मल्लिका” बताया, जबकि उसके पास से मिले आधार कार्ड में नाम कुछ और निकला। पुलिस के मुताबिक, उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई फर्जी नामों का इस्तेमाल किया था।
चोरी के पैसों से उसने करोड़ों रुपये की संपत्तियां और फ्लैट खरीदे थे, जिन्हें अब पुलिस जब्त करने की तैयारी कर रही है। साथ ही, पुलिस ने उन गोल्ड लोन कंपनियों के शाखा प्रबंधकों को भी जांच के दायरे में लिया है, जिन्होंने बिना पर्याप्त जांच के इतना बड़ा लोन मंजूर किया था। पुलिस का कहना है कि लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।