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कोटा: पिता-पुत्र का दो वर्ष बाद भावुक मिलन

कोटा: डेढ़ वर्ष पूर्व कोटा के केशवराय पाटन की सड़कों पर लावारिस अवस्था में पाए गए त्रिवेणी पासवान को 'अपना घर आश्रम' ने आश्रय दिया। स्मृति-लोप के कारण वे अपने परिवार के बारे में कुछ नहीं बता पा रहे थे। आश्रम के अध्यक्ष डॉ योगेन्द्र मणि कौशिक बी ने बताया कि आश्रम के चिकित्सकों और मनोवैज्ञानिकों की देखरेख में उनकी स्मृति धीरे-धीरे लौटने लगी और पता चला कि वे पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के निवासी हैं।

कोटा: आश्रम प्रबंधन द्वारा संपर्क साधने पर पता चला कि त्रिवेणी पासवान श्याम पासवान के पिता हैं। सूचना मिलते ही श्याम पासवान और उनके रिश्तेदार अनमोल कुमार दार्जिलिंग से कोटा पहुंचे। पिता-पुत्र के मिलने पर दोनों भावुक हो गए। श्याम पासवान ने बताया कि उनके पिता मानसिक अस्वस्थता से जूझ रहे थे और दो वर्ष पूर्व लापता हो गए थे। उन्होंने आश्रम के कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्था बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के लिए वरदान है और इसने उनके परिवार को फिर से जोड़ा। आश्रम पिछले कई वर्षों से ऐसे लोगों के पुनर्वास में कार्यरत है।

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