रामकनाली में अवैध खनन का विरोध करने पहुंचीं महिलाओं को बम धमाके से डराने की कोशिश
ग्रामीणों ने कथित कोयला तस्करों को खदेड़ा, पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
धनबाद | 21 मई 2026:-धनबाद के कतरास स्थित रामकनाली ओपी क्षेत्र में अवैध कोयला खनन को लेकर बुधवार को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। झिंझिपहाड़ी पंचायत की मुखिया प्रेमलता कुमारी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण केशलपुर स्थित 3 सीम इलाके में चल रहे कथित अवैध खनन को बंद कराने पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान कोयला तस्करों ने ग्रामीणों और महिलाओं को डराने के लिए बम धमाका किया।
हालांकि धमाके के बावजूद ग्रामीण पीछे नहीं हटे और विरोध प्रदर्शन जारी रखा। ग्रामीणों के अनुसार केशलपुर बिजली घर के सामने 2 सीम क्षेत्र में कथित कोयला तस्कर अशोक यादव समेत अन्य लोगों के साथ मुखिया प्रतिनिधि गणेश महतो और ग्रामीणों की तीखी बहस हुई। आरोप है कि तस्करों ने कहा कि “सब सिस्टम से चल रहा है” और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
इसके बाद ग्रामीण उग्र हो गए और कथित तस्करों को मौके से खदेड़ दिया। स्थानीय लोगों का दावा है कि इलाके में आधा दर्जन से अधिक अवैध मुहानों से बड़े पैमाने पर कोयला निकाला जा रहा है तथा हजारों बोरी कोयला जमा किया गया है।
मुखिया प्रेमलता कुमारी ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना तत्काल रामकनाली ओपी प्रभारी को दी गई थी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। उन्होंने यह भी दावा किया कि अवैध खनन रोकने की मांग पर पहले भी पुलिस की ओर से असंतोषजनक जवाब दिया गया था। हालांकि इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अवैध खनन के विरोध में जब प्रेमलता कुमारी, गणेश महतो, जमुआटांड़ पंचायत के मुखिया निरंजन गोप, भाजपा नेत्री कंचन चौरसिया सहित सैकड़ों ग्रामीण रामकनाली ओपी पहुंचे, तब वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया गया। ग्रामीणों ने थाने परिसर में “गुंडागर्दी नहीं चलेगी” और “हाय-हाय” के नारे लगाए।
मुखिया प्रतिनिधि गणेश महतो ने कहा कि केशलपुर इलाके में हो रहे अवैध खनन से बस्ती के नीचे की जमीन लगातार खोखली होती जा रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध को दबाने के लिए तस्करों ने बम फोड़कर दहशत फैलाने की कोशिश की।
रामकनाली की घटना ने एक बार फिर धनबाद के कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन और उससे जुड़े नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण अब मामले में सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।