व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के प्रबंध निदेशक से मिलकर जताया आक्रोश -
संयुक्त व्यापार संघ (निर्वाचित) मेरठ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता के नेतृत्व में आज व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के प्रबंध निदेशक श्री रविश गुप्ता से उनके कार्यालय में भेंट कर मेरठ जनपद में लगातार बिगड़ती विद्युत व्यवस्था को लेकर व्यापारी समाज की गहरी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया।
व्यापारियों ने कहा कि आज मेरठ का व्यापारी वर्ग केवल आर्थिक दबाव ही नहीं बल्कि अव्यवस्थित विद्युत आपूर्ति के कारण मानसिक तनाव भी झेल रहा है। शहर के प्रमुख बाजारों से लेकर छोटे व्यापारिक क्षेत्रों तक बार-बार होने वाले ब्रेकडाउन, घंटों बिजली बाधित रहने और लो-वोल्टेज की समस्या ने व्यापार की रीढ़ कमजोर कर दी है। दुकानों पर ग्राहक परेशान होकर लौट रहे हैं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रभावित हो रहे हैं और व्यापारियों का पूरा कार्य तंत्र अव्यवस्थित होता जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली संकट ने व्यापारी समाज को बेहद परेशान और चिड़चिड़ा बना दिया है। दिनभर बाजारों में व्यापारी, कर्मचारी और ग्राहक गर्मी से बेहाल रहते हैं। कई प्रतिष्ठानों पर इनवर्टर और जेनरेटर तक जवाब दे चुके हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि जब समस्या उत्पन्न होती है तब संबंधित अधिकारियों द्वारा फोन तक नहीं उठाए जाते, जिससे व्यापारी समाज स्वयं को असहाय महसूस करता है। व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि व्यापारी केवल राजस्व देने वाला वर्ग नहीं, बल्कि शहर की आर्थिक व्यवस्था की धुरी है और उसकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
इस अवसर पर संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री सरदार राजबीर सिंह ने कहा कि पिछले पूरे वर्ष विभाग द्वारा “प्लांड शटडाउन” इस दावे के साथ लिए गए कि गर्मियों में बढ़ी हुई मांग के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और ब्रेकडाउन की स्थिति उत्पन्न न हो। लेकिन जैसे ही गर्मी और मांग बढ़ी, विभाग की अधिकांश तैयारियां धराशायी होती दिखाई दीं।
उन्होंने कहा कि जिन तारों और संसाधनों को बदलने पर पूरे वर्ष भारी खर्च किया गया, वे पहली ही गंभीर गर्मी में मोम की मानिंद पिघलने लगे और कई क्षेत्रों में घुप अंधेरा छा गया। सरदार राजबीर सिंह ने विद्युत लाइनों, तारों तथा अन्य उपकरणों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए कहा कि यदि कार्य गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ हुए होते तो आज व्यापारी समाज और आम जनता को इतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग हमेशा प्रशासन और व्यवस्था के साथ खड़ा रहता है, लेकिन लगातार उपेक्षा और अव्यवस्था से व्यापारियों का धैर्य अब टूटने लगा है। यदि समय रहते स्थायी और प्रभावी समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी समाज को अपने हितों की रक्षा हेतु आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए प्रबंध निदेशक श्री रविश गुप्ता ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों एवं अधिकारियों का एक संयुक्त ग्रुप बनाया जाएगा, जिसमें प्रत्येक क्षेत्र की स्थिति, ब्रेकडाउन, मरम्मत कार्य तथा विद्युत आपूर्ति से संबंधित अपडेट तत्काल साझा किए जाएंगे, ताकि किसी भी समस्या पर तेजी, पारदर्शिता और प्रभावी तरीके से कार्यवाही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने भविष्य में विद्युत व्यवस्था में सुधार का भरोसा भी दिलाया।
प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष संजीव एलोरा, अमित बंसल मंत्री, संजीव जिंदल, तरुण गुप्ता उपाध्यक्ष, सुधांशु पराशर मंत्री सहित अन्य व्यापारी नेता उपस्थित रहे।