रामगढ़ मुराड़ा में सरकारी संपत्तियों पर भू-माफियाओं का कब्जा
रामगढ़/खेड़ा बाढ : ग्राम पंचायत खेड़ा बाढ और इसके आसपास के गांवों में भ्रष्टाचार ने ऐसा रूप ले लिया है जिसने स्थानीय लोकतंत्र को प्रभावित किया है। रामगढ़ मुराड़ा, जैतपुर, माधोपुरया और तालवृक्ष गांवों में जनता के टैक्स से बने सामुदायिक भवन और सार्वजनिक संपत्तियां भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं। ये भवन ग्रामीण बैठकों और विकास के लिए बनाए गए थे, लेकिन अब रसूखदारों और भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया है।
सरकारी दस्तावेजों में ये इमारतें जनता के लिए समर्पित दिखती हैं, लेकिन वास्तविकता में दबंगों ने इन पर ताले जड़ दिए हैं। प्रशासन इस मामले में मौन है और भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। घटिया निर्माण सामग्री और बजट की गड़बड़ी के कारण ये भवन जर्जर हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक जगहों को निजी गोदाम बना दिया गया है और अधिकारी जांच की आड़ में मामले को टाल रहे हैं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे।