बागीसाडूबी के जंगल में मिला लापता राजेंद्र का शव; सिर पर चोट और हाथ कटे होने से मर्डर की आशंका, जांच में जुटी खेरनी पुलिस |
पश्चिम कार्बी आंगलोंग: जिला अंतर्गत खेरनी थाना क्षेत्र के बागीसाडूबी (नंबर दो) गांव से पिछले रविवार से लापता एक युवक का शव जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी राजेंद्र उर्फ विशाल चौहान के रूप में हुई है। शव की स्थिति और शरीर पर गहरे जख्मों को देखकर परिजनों ने अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या किए जाने की आशंका जताई है। सूचना मिलते ही खेरनी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
रविवार शाम से बंद था मोबाइल, बदबू के सहारे जंगल में पहुंचा परिवार
मृतक के पिता ने रोते हुए बताया कि राजेंद्र रविवार सुबह करीब 11 बजे तक घर पर ही था। घर की एक छोटी बच्ची बीमार थी, जिसे वह झाड़-फूंक कराने ले गया था। वहां से लौटने के बाद उसने घर पर खाना खाया और शाम को करीब 5:00 बजे तक वह मंडप बाजार में देखा गया था।
"रविवार रात 10:00 बजे तक उसका फोन बज रहा था, लेकिन उसके बाद अचानक स्विच ऑफ हो गया। हमने अपने सभी रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के यहां ढूँढा, पर कोई सुराग नहीं मिला। परेशान होकर बुधवार को हमने खेरनी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।"
— मृतक के पिता
थाने से लौटने के बाद जब ग्रामीण आपस में चर्चा कर रहे थे, तभी किसी राहगीर ने जंगल की तरफ कुछ संदिग्ध हलचल होने की बात कही। इसके बाद परिजन और ग्रामीण जब जंगल के भीतर दाखिल हुए, तो तेज दुर्गंध (गंध) का पीछा करते हुए वे उस खौफनाक मंजर तक पहुंचे जहां राजेंद्र का शव लटका हुआ था।
शव पर मिले बेरहमी से मारपीट और धारदार हथियार के निशान
पिता का आरोप है कि यह आत्महत्या का मामला बिल्कुल नहीं है, बल्कि उनके बेटे की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। मौके पर प्रत्यक्षदर्शियों और पिता ने शव की जो स्थिति देखी, वह बेहद चौंकाने वाली थी:
सिर पर गहरा वार: राजेंद्र के सिर पर पीछे से किसी भारी वस्तु या हथियार से वार किया गया था, जिससे उसका सिर फटा हुआ था और खून बहकर नीचे गिरा था।
हाथ पर चोट और प्लास्टिक: मृतक के हाथ कटे हुए थे और उसके हाथ में कोई संदिग्ध प्लास्टिक फंसा हुआ था।
बेल्ट से लटकाया शव: शव को किसी ऊंचे पेड़ पर नहीं, बल्कि एक मामूली (नॉर्मल) जंगली घास/झाड़ी के सहारे उसी के कमर की बेल्ट से लटकाया गया था।
"फांसी लगाने वाला लड़का नहीं था मेरा बेटा, किडनैप कर मारा गया"
मृतक के पिता ने रोते हुए न्याय की गुहार लगाई और कहा, "मेरा लड़का ऐसा बिल्कुल नहीं था जो फांसी लगाकर जान दे दे। उसे किसी ने किडनैप (अपहरण) किया, फिर बेरहमी से मारकर लाश को यहां लाकर लटका दिया ताकि यह आत्महत्या लगे। हम कातिलों की गिरफ्तारी चाहते हैं।"
पुलिस की कार्रवाई: खेरनी पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह खुलासा हो पाएगा। पुलिस हर पहलू और पिता के आरोपों को ध्यान में रखकर मामले की सघन जांच कर रही है।