logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

लाखों की जल मीनार फिर भी बूंद-बूंद को तरसते देवगांव के ग्रामीण।

रांची: लापुंग प्रखंड के ग्राम पंचायत देवगांव में एक बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है. जहाँ सरकार ने लाखों रुपये की लागत से जल मीनार का निर्माण तो करा दिया है, लेकिन ग्रामीण आज भी पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं. इस विशालकाय जल मीनार का होना या न होना, ग्रामीणों के लिए एक बराबर है.

​स्थानीय ग्रामीण कृष्णा गोप,, नारायण गोप, विक्रम तिर्की,मंजू देवी राधुवा महतो, सहित कई लोगों ने बताया कि जल मीनार के निर्माण के बाद से यह शायद ही कभी सुचारू रूप से चालू हुई हो. लाखों रुपये का खर्च सिर्फ एक संरचना को खड़ा करने में हुआ, लेकिन इसकी नियमित निगरानी या रखरखाव का कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं किया गया. परिणाम स्वरूप, पाइपलाइन या पंप खराब रहने से इस योजना का लाभ किसी को नहीं मिल रहा. ग्रामीण बताते हैं कि उन्हें पीने के पानी के लिए अभी भी पुराने हैंडपंपों या अन्य स्त्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो अक्सर सूख जाते हैं या खराब रहते हैं.

​इस समस्या पर प्रशासन और स्थानीय ठेकेदार की लापरवाही साफ़ नज़र आती है. क्या लाखों रुपये सिर्फ़ इस निर्जीव संरचना को खड़ा करने के लिए बहाए गए थे? या प्रशासन कभी ग्रामीणों की इस मूलभूत आवश्यकता पर ध्यान भी देगा? इस पर सवाल उठ रहे हैं कि जब सरकारी परियोजनाओं में इतना पैसा खर्च होता है, तो उसकी जवाबदेही क्यों तय नहीं की जाती. देवगांव के ग्रामीणों को सिर्फ़ एक बड़ा सवालिया निशान और सूखे कंठ के सिवा इस योजना से कुछ नहीं मिला है.

​क्या प्रशासन जागेगा या ग्रामीण ऐसे ही बूंद-बूंद को तरसते रहेंगे?

ग्राउंड जीरो की रिपोर्टिंग

ब्रजेश गोप,लापुंग राँची

1
3344 views

Comment