शुक्राली में भक्तिमय माहौल है। आज पूर्णाहुति है।
मयूरभंज जिले के शुकरुली में भक्तिमय माहौल है। एक ही समय में दो कीर्तन मंडपों में नाम संकीर्तन चल रहा है। शुकरुली कीर्तन मंडप और काखरूपणा कीर्तन मंडप। कलियुग में, महामंत्र हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हिंदुओं द्वारा स्वीकार किया जाता है। महामंत्र का जाप, श्रवण और आयोजन सभी पुण्यदायी हैं। इसलिए, कीर्तन संगठन इसे लागत पर विचार किए बिना आयोजित कर रहे हैं, चाहे यह कितना भी महंगा क्यों न हो। इस अवसर पर, छह कीर्तन मंडलियां शुकरुली कीर्तन मंडप में शामिल हुई हैं, वे हैं कमरडीहा, फुतुकिसोल, महुलिया, झिनई नुआगांव, गौदारामा और शुकरुली कीर्तन मण्डली। इसी तरह, रायबानी, हांडीफुटा, नेदवाड़ी, ज्योस्नामयी दीक्षित, भंडगांव और धबलेश्वर कीर्तन मण्डली काखरूपणा कीर्तन मंडप में शामिल हुई हैं। इसलिए शुक्रौली इलाके में भक्ति का माहौल बना दिया गया है। कीर्तन मंडप के पास 24 घंटे का फायर शेल्टर खोला गया है। आज पूर्णा हुति होगी।