अलविदा बशीर बद्र: लोकप्रिय शायर का निधन
प्रसिद्ध शायर बशीर बद्र (सैय्यद मुहम्मद बशीर) का 28 मई 2026 को निधन हो गया। वे 91 वर्ष के थे और लंबे समय से स्मृतिलोप (डिमेंशिया) जैसी बीमारी से जूझ रहे थे। बशीर बद्र का जन्म कानपुर में हुआ था और उनका परिवार फैजाबाद जिले का निवासी था। उन्होंने पुलिस विभाग में नौकरी करने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से उर्दू में एम.ए. और पीएच.डी. की डिग्री हासिल की। बाद में वे मेरठ विश्वविद्यालय में उर्दू विभाग में कार्यरत रहे।
मेरठ में 1987 के सांप्रदायिक दंगे में उनका घर जल गया था, जिसके बाद वे भोपाल आ बसे और वहीं रहते हुए अपनी शायरी की लोकप्रियता बढ़ाई। बशीर बद्र ने अपनी शायरी में ब्रज और अवधी बोलियों का समावेश किया और आम लोगों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। उनके छह ग़ज़ल संग्रह प्रकाशित हुए। जनवादी लेखक संघ कोटा ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। जेलस के कई साहित्यकारों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की ।जलेस प्रांतीय संरक्षक बृजेन्द्र कौशिक,जलेस अध्यक्ष नागेन्द्र कुमावत ,हंसराज चौधरी,डॉ योगेन्द्र मणि कौशिक ,मदन मोहन सजल ,डॉ उदय मणि सहित अनेक साहित्यकार इस कार्यक्रम में उपस्थित थे ।