हिंदी_पत्रकारिता_दिवस
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अब मायने बदल गए,और पत्रकारिता बहुत कम होती है,खैर सत्य, साहस और सटीक खबरों से सिस्टम की खाट खड़ी करने वाले उन सभी बेखौफ पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता दिवस की बधाई जो केवल पत्रकारिता करते है न कि सुपारी पत्रकारिता,लोकतंत्र के इस चौथे स्तंभ को किसी भी परिस्थिति में न झुकने न देने वाले और देश को जगाने वाले जांबाज कलमकारों को प्रणाम।आज के दौर में भी जो टीआरपी के जाल को चीरकर कर्तव्य पथ पर डटे हैं वही लोकतंत्र के असली सजग प्रहरी हैं। आपकी कलम की धार यूं ही बनी रहे और आप सिस्टम की खाट खड़ी करते रहें! ✒️ मो वारिस