हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे, देशभर में गौरव का अवसर
30 मई 1826 भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में एक स्वर्णिम दिन माना जाता है। इसी दिन कलकत्ता से हिंदी के प्रथम समाचार पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ का प्रकाशन शुरू हुआ था। इसके संपादक एवं प्रकाशक पंडित जुगल किशोर शुक्ल थे, जो मूल रूप से कानपुर के निवासी और पेशे से वकील थे।
आर्थिक चुनौतियों के चलते ‘उदंत मार्तण्ड’ केवल 79 अंकों तक ही प्रकाशित हो सका, लेकिन इसने हिंदी पत्रकारिता की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिस पर आज करोड़ों पाठकों और दर्शकों तक पहुंचने वाला विशाल मीडिया जगत खड़ा है।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री तथा ने देशभर के पत्रकारों, संपादकों, छायाकारों और मीडिया कर्मियों को शुभकामनाएं दीं।
सभी नेताओं ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने, जनता की आवाज़ उठाने और समाज को जागरूक करने में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
✍️ कलम की ताकत, सत्य की आवाज़ और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को नमन।
💐 हिंदी पत्रकारिता के 200 गौरवशाली वर्षों पर सभी पत्रकार साथियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। 💐