कोटा: 15 वर्षों बाद माँ-बेटे का भावुक मिलन अपना घर आश्रम में
कोटा: अपना घर आश्रम में 15 वर्षों से बिछड़ी मोहिनी नामक माँ और उसके बेटे गोवर्धन का मिलन हुआ। इतने लंबे अंतराल के बाद गोवर्धन ने अपनी माँ को देखा तो वह उनके पैरों से लिपट कर फूट-फूट कर रोने लगा। बेटी संगीता भी अपनी माँ से गले मिलने पहुंची।
मोहिनी को 10 वर्ष पूर्व झालावाड़ जिले के दांगीपुरा थाना क्षेत्र के बामन गांव में लावारिस हालत में पाया गया था। थानाधिकारी गोकुल प्रसाद के आदेश पर उसे अपना घर आश्रम कोटा भेजा गया था। मानसिक रूप से विमंदित मोहिनी की नियमित चिकित्सा और देखभाल के बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। उसने अपने परिवार के बारे में बताया कि वह प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली है। अरनोद थाने ने परिवार को सूचना दी, जिसके बाद पति बाबूलाल, बेटा गोवर्धन, बेटी संगीता सहित ग्रामवासी कोटा पहुंचे। परिवार का विश्वास नहीं था कि मोहिनी स्वस्थ होकर मिल सकेगी। इस दौरान बड़े बेटे और बेटी की शादी भी हो चुकी थी। परिवार और ग्रामवासियों ने अपना घर आश्रम के कार्यों की प्रशंसा की।
पिछले वर्ष बूंदी के तीरथ गांव से लावारिस मिली सपना को उसके पति मांगीलाल को सौंपा गया था। दो सप्ताह पूर्व बोरबांस में मानसिक विमंदित भागेन्द्र को भी उनके परिवार से मिलाया गया। यह प्रयास अपना घर आश्रम द्वारा लगातार किए जा रहे हैं।