सिंगरौली: NCL विस्थापन के विरोध में प्रभावित परिवारों ने उठाई न्याय और पुनर्वास की मांग.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश।
नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) से जुड़े विस्थापन मुद्दों को लेकर क्षेत्र में प्रभावित परिवारों और स्थानीय संगठनों द्वारा विरोध की आवाज तेज होती दिखाई दे रही है। एक प्रचार पोस्टर के माध्यम से विस्थापितों ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार से संबंधित कई मांगें सामने रखी हैं।
पोस्टर में “विस्थापन नहीं – न्याय चाहिए” और “हमारा अधिकार – हमारा अस्तित्व” जैसे नारों के साथ प्रभावित परिवारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के नाम पर लोगों की जमीनें अधिग्रहित की गईं, लेकिन उन्हें अपेक्षित लाभ और सम्मानजनक पुनर्वास नहीं मिल सका।
विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि ऊपरी मंजिलों के निर्माण मूल्य पर 20 प्रतिशत कटौती से प्रभावित परिवारों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, RFCTLARR Act 2013 की धारा 30 के अंतर्गत देय अतिरिक्त बाजार मूल्य (Additional Market Value) के भुगतान में देरी और अस्पष्टता को भी प्रमुख मुद्दा बताया गया है।
प्रभावित परिवारों की प्रमुख मांगों में—
20 प्रतिशत कटौती को तत्काल समाप्त करना,
अतिरिक्त बाजार मूल्य का पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान,
समेकित गणना पत्रक (Consolidated Calculation Sheet) उपलब्ध कराना,
अधिग्रहण एवं पुनर्वास प्रक्रिया में स्पष्ट समय-सीमा तय करना,
सभी पात्र परिवारों और भूमि स्वामियों को समान लाभ प्रदान करना शामिल है।
विस्थापितों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत पर उनके अधिकारों और आजीविका की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से सभी पक्षों की संयुक्त बैठक आयोजित कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है।
स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है और प्रभावित परिवार न्यायपूर्ण मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास तथा रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाने की मांग कर रहे हैं।