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जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ: भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा ऑफर

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ: भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा ऑफर

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स भारतीय शेयर बाजार में इतिहास रचने की तैयारी कर रही है। कंपनी का आगामी आईपीओ (Initial Public Offering) 30,000 करोड़ रुपये से लेकर 37,500 करोड़ रुपये तक का हो सकता है, जो इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनाएगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स की अनुमानित वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के बीच आंकी जा रही है।

यह ऑफर हुंडई मोटर इंडिया के 2024 में आए 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़ देगा।

आईपीओ का लॉन्च जून 2026 में संभावित है, हालांकि आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा: "हम ऐसे रणनीतिक विकल्पों का मूल्यांकन जारी रखेंगे, जिनसे हितधारकों की भागीदारी बढ़ सके और जियो की दीर्घकालिक वृद्धि को समर्थन मिले। इसके साथ ही टिकाऊ मूल्य सृजन का सिद्धांत भी कायम रहे।"

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जैसे-जैसे आईपीओ की समयसीमा नजदीक आ रही है, कंपनी व्यापक हितधारक भागीदारी के लिए अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रही है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43% हिस्सेदारी है।

मेटा और गूगल जैसी वैश्विक टेक कंपनियों ने भी इसमें निवेश किया है।

यह विदेशी निवेश जियो प्लेटफॉर्म्स को एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का नेट प्रॉफिट 15% बढ़कर 30,053 करोड़ रुपये हो गया।

पिछले वर्ष यह आंकड़ा 26, 120 करोड़ रुपये था।

कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 14.5% बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

जियो प्लेटफॉर्म्स का आगामी आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हो सकता है। इसकी विशाल वैल्यूएशन और वैश्विक निवेशकों की मौजूदगी इसे न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक टेक्नोलॉजी पावरहाउस के रूप में स्थापित करेगी।

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