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प्राथमिकता से गायब हुआ चक्रधर नगर आरओबी, बजट में भी शामिल नहीं पुराने प्रस्तावों की फाइल विभागों में पेंडिंग, 90 करोड़ का था इस्टीमेट रायगढ़, 29 मई।

प्राथमिकता से गायब हुआ चक्रधर नगर आरओबी, बजट में भी शामिल नहीं

पुराने प्रस्तावों की फाइल विभागों में पेंडिंग, 90 करोड़ का था इस्टीमेट
रायगढ़, 29 मई। चक्रधर नगर में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण अब प्राथमिकता सूची से हट चुका है। 2018 से सेतु विभाग ने कई बार इसकी ड्रॉइंग-डिजाइन बनाई लेकिन अब यह बजट से बाहर हो गया है। अक्टूबर 2024 में 90 करोड़ का इस्टीमेट बनाकर भेजा गया था, जो लैप्स हो गया। चक्रधर नगर रेलवे ओवरब्रिज की पुरानी ड्रॉइंग-डिजाइन पर कई लोगों ने आपत्ति जताई तो सेतु विभाग को नए सिरे से सर्वे का आदेश दिया गया। मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग बनाना सरकार की प्राथमिकता है लेकिन चक्रधर नगर में आरओबी का विरोध हो रहा है। स्थानीय नेताओं ने राज्य सरकार तक आपत्ति भेजी है। पहले ओवरब्रिज की जगह अंडरब्रिज बनाने की मांग की गई थी। इससे पहले प्रोजेक्ट रिवाइज हो चुका है।
122 करोड़ से घटकर इस्टीमेट 90 करोड़ हो चुका है। अक्टूबर 2024 में इस्टीमेट शासन को भेजा गया था। वर्ष 24-25 के बजट में इसे शामिल किया गया है। पहले 2019 में सर्वे पूरा करने के बाद ड्राइंग-डिजाइन भी स्वीकृत हो चुका था। लेकिन प्रशासकीय स्वीकृति और तकनीकी स्वीकृति नहीं मिल सकी। प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिली तो बजट लैप्स हो गया। 2022 में एक बार फिर से मांग उठी। इसके बाद प्रोजेक्ट को बजट में शामिल किया गया है। निजी भूमि कम से कम ली गई तो इस्टीमेट घटकर 90 करोड़ हो गया। अब पता चला है कि कार्य लैप्स हो चुका है। वर्ष 25-26 की प्लानिंग में यह काम शामिल नहीं है।
बनाना ही पड़ेगा, तो फिर अब क्यों नहीं
दरअसल कोई भी आरओबी बनाकर स्थानीय व्यापारियों का विरोध नहीं झेलना चाहता। राजनीतिक रूप से इस प्रोजेक्ट को रोका गया है। चक्रधर नगर आरओबी के लिए 2018 में ही ड्रॉइंग डिजाइन फाइनल किया गया था। तब करीब 122 करोड़ का इस्टीमेट बनाया गया था। वाय शेप में बनने वाले इस आरओबी को मंजूरी नहीं मिली। इसका एक सिरा कमला नेहरू गार्डन के आगे, दूसरा बोईरदादर रोड दुर्गा चौक पर और तीसरा सिरा डीएफओ ऑफिस के पास उतरेगा। लोकेशन बदलने पर भी विचार हुआ लेकिन कंसल्टेंसी कंपनी ने कोई विकल्प नहीं दिया है। भविष्य में यहां आरओबी बनाने की जरूरत होगी। तब लागत कई गुना बढ़ जाएगी।

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