logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

मत्स्य आखेट पर रॉयल्टी में बड़ी राहत, प्रदेश सरकार ने घटाकर की 1 प्रतिशत

रिपोर्ट : देवेश आर्य मण्डी हिमाचल प्रदेश
शिमला 03 जून, 2026

प्रदेश सरकार ने मत्स्य आखेट पर रॉयल्टी घटाकर की एक प्रतिशत

राज्य के विभिन्न जलाशयों में मत्स्य पालन गतिविधियों से जुड़े मछुआरों की आय को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अनुरूप जलाशयों से होने वाली मत्स्य आखेट पर लगने वाली रॉयल्टी को 7.5 प्रतिशत से घटाकर मात्र 1 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। इससे पहले सरकार ने पिछले वर्ष भी रॉयल्टी दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 7.5 प्रतिशत किया था।

इस निर्णय से गोबिंद सागर, पोंग बांध, चमेरा, रंजीत सागर तथा कोल बांध जलाशयों पर आजीविका के लिए निर्भर 6,500 से अधिक मछुआरा परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार की यह पहल मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पोषण तथा प्रोटीन सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार नीति समर्थन, बुनियादी ढांचे के विकास और मूल्य संवर्धन पहलों के माध्यम से मछुआरों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि रॉयल्टी और लाइसेंस शुल्क में की गई कमी से मछुआरों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी, उनकी आजीविका बेहतर होगी तथा जीवन स्तर में समग्र सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य विभाग को निर्देश दिए कि संशोधित नीति के लाभ सभी पंजीकृत मछुआरों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व की रॉयल्टी व्यवस्था का प्रतिकूल प्रभाव मछुआरा सहकारी समितियों और व्यक्तिगत मछुआरों की आय पर पड़ रहा था। रॉयल्टी को 1 प्रतिशत तक घटाने से लाभप्रदता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही जलाशय क्षेत्रों से पलायन को रोकने और राज्य की उभरती ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने में भी सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए मछली अवतरण केन्द्रों का विकास, आइस बॉक्स उपलब्ध करवाने तथा विपणन सम्पर्कों को मजबूत करने जैसे कदम उठा रही है ताकि मछली उत्पादों को बेहतर मूल्य मिल सके। रॉयल्टी में कमी का यह निर्णय मछुआरों की शुद्ध आय बढ़ाने और मत्स्य पालन को ग्रामीण युवाओं के लिए टिकाऊ एवं आकर्षक रोजगार विकल्प बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय मछुआरों की मेहनत और उनके योगदान का सम्मान करने के साथ-साथ समावेशी ग्रामीण विकास तथा जलाशय-निर्भर समुदायों की आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

4
215 views

Comment