पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा : मुख्यमंत्री
प्रदेश के हितों की लड़ाई हर मंच पर मजबूती से लड़ेगी सरकार, चिट्टा माफिया को दी सख्त चेतावनी
देवेश आर्य मण्डी हिमाचल प्रदेश
शिमला, 05 जून 2026
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रिज मैदान शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ जल, शुद्ध वायु, जंगल और नदियां हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहरें हैं, जिनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पूरे उत्तर भारत को स्वच्छ जल और शुद्ध वायु उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इसे “लंग्स ऑफ नॉर्थ इंडिया” कहा जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश प्रतिवर्ष लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की पारिस्थितिकी सेवाएं देश को प्रदान करता है, लेकिन इसके बदले हिमाचल को केन्द्र सरकार से उचित प्रतिफल नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की आगामी बैठक में राज्य सरकार प्रदेश के हितों और अधिकारों को मजबूती से उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने तथा प्लास्टिक के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ते वैश्विक तापमान, बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाएं इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 में हिमाचल प्रदेश ने भीषण प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हुए। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत प्रदान की और कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के वन हमारी जीवनरेखा हैं और वर्ष 2030 तक वन आवरण को 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना, राजीव गांधी वन संवर्धन योजना तथा ग्रीन एडॉप्शन योजना के माध्यम से व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ई-वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा शीघ्र ही हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में 297 नई ई-बसें शामिल की जाएंगी। जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने और स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश में दो बायोचार संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें चीड़ की सूखी पत्तियों और अन्य बायोमास से बायोचार तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशा माफिया के खिलाफ जन-आंदोलन शुरू किया है और पंचायत स्तर तक तस्करों की पहचान की गई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चिट्टा माफिया नहीं सुधरे तो उन्हें “मिट्टी में मिला दिया जाएगा” और उनके खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत अब तक 174 चिट्टा तस्करों को जेल भेजा गया है तथा लगभग 51 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। 76 संदिग्ध संपत्तियों की पहचान की गई है और 17 मामलों में नशा कारोबारियों की संपत्तियों को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
उन्होंने कहा कि नशे में संलिप्त पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है, जिनमें 21 पुलिस कर्मियों सहित 10 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। साथ ही सरकार नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुनर्वास प्रयास भी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और उपस्थित जनसमूह को एंटी-चिट्टा अभियान तथा पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 के पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार भी प्रदान किए। विद्यालय श्रेणी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भलेठ, जिला हमीरपुर को प्रथम पुरस्कार तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरोग, जिला शिमला और पाइनग्रोव स्कूल कसौली को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। शिक्षण संस्थान श्रेणी में सेंट बीड्स कॉलेज शिमला को प्रथम पुरस्कार मिला। उद्योग श्रेणी में नेस्ले इंडिया लिमिटेड ऊना को प्रथम तथा इंडोरामा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बद्दी को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मिनी मैराथन के विजेताओं को सम्मानित किया, नगर निगम हमीरपुर को ई-वाहनों की चाबियां सौंपीं तथा जनगणना प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, मुख्य सचिव केके पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, अभिनेता एवं स्वच्छता अभियान के ब्रांड एंबेसडर रोहताश गौड़ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : देवेश आर्य, मण्डी हिमाचल प्रदेश