इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रश्मि वरुण को दी गई राहत बरकरार रखी
इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2018 के कासगंज हिंसा प्रकरण से जुड़े फेसबुक पोस्ट मामले में वरिष्ठ अधिकारी रश्मि वरुण को दी गई राहत बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। न्यायाधीश आलोक माथुर और अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने लोक सेवा अधिकरण के आदेश को सही ठहराया, जिसमें अधिकारी पर लगाई गई विभागीय सजा रद्द की गई थी। कोर्ट ने पाया कि कार्रवाई केवल समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के आधार पर की गई थी, जबकि रश्मि वरुण ने शुरू से ही उस खबर में उनके कथित बयान को गलत बताया था।
अदालत ने यह भी कहा कि जांच अधिकारियों को मूल फेसबुक टिप्पणियों का सत्यापन करना चाहिए था, जो नहीं किया गया। रश्मि वरुण पर आरोप था कि उन्होंने कासगंज हिंसा के दौरान मारे गए युवक के संबंध में विवादित टिप्पणी की, साथ ही तिरंगा रैली में डॉ. भीमराव आंबेडकर की अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी की। हालांकि अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि उनकी वास्तविक टिप्पणी सरकार की आलोचना नहीं थी। हाईकोर्ट ने माना कि उक्त टिप्पणी सरकार की आलोचना नहीं थी और दंडादेश बिना उचित विचार के पारित किया गया था। इस प्रकार अदालत ने राज्य सरकार की याचिका खारिज कर अधिकारी की राहत को बनाए रखा।