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शिक्षण सेवक योजना बंद कर के नियमित वेतनमान दिया जाए या मासिक मानधन बढ़ाया जाए: शेख ज़मीर रज़ा

शिक्षण सेवक योजना बंद कर के नियमित वेतनमान दिया जाए या मासिक मानधन बढ़ाया जाए: शेख ज़मीर रज़ा

महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं जालना विधायक माननीय कैलास गोरंट्याल नेतृत्व में हुई बैठक में राज्य की शिक्षा मंत्री वर्षाताई गायकवाड को अखिल महाराष्ट्र उर्दू शिक्षक संघटन के प्रदेश प्रवक्ता एवं जालना जिलाध्यक्ष जावेद खान ने ज्ञापन प्रस्तुत किया.

 राज्य में खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मानधन पर शिक्षकों की भर्ती के लिए वर्ष 2000 में शिक्षण सेवक योजना शुरू की गई थी।  इस योजना के तहत प्रथम तीन वर्षों के लिए प्राथमिक शिक्षण सेवकों के लिए मासिक मानधन 3000/- रुपये, माध्यमिक के लिए 4000/- रुपये और उच्च माध्यमिक के लिए 5000/- रुपये निर्धारित किया गया था।  जब नियमित शिक्षकों के लिए छठा वेतन आयोग शुरू किया गया तो इन शिक्षाकर्मियों के मानधन में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया और 01.01.2012 से प्राथमिक शिक्षणसेवकों के लिए उपरोक्त मानधन में वृद्धि कर के इसे क्रमशः 6000/- रुपये, 8000/- रुपये  और 9000/- रुपये कर दिया गया। इसके बाद वर्ष 2016 से राज्य में नियमित शिक्षकों के लिए 7वां वेतन आयोग लागू किया गया, लेकिन शिक्षणसेवकों के मानधन में वृद्धि को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।  महंगाई के लगातार बढ़ते रहने के बावजूद पिछले 10 साल में शिक्षणसेवकों का मानधन नहीं बढ़ा है।  नियमित शिक्षकों को वर्ष में दो बार महंगाई भत्ता और साल में एक बार वार्षिक वेतन वृद्धि दी जाती है लेकिन शिक्षणसेवकों के मासिक मानधन में कोई वृद्धि नहीं की जाती। यह शिक्षणसेवकों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है जबकि ये शिक्षणसेवक नियमित शिक्षकों के बराबर ही काम करते हैं। इसलिए इस अन्यायपूर्ण शिक्षणसेवक योजना को निरस्त करें और शिक्षणसेवकों को नियमित वेतन दें, या कम से कम 20 साल बाद भी यदि राज्य की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी है तो फिर इन शिक्षणसेवकों के मानधन में वृद्धि की जाए।प्राथमिक शिक्षणसेवक - 18000/- रुपये, माध्यमिक शिक्षणसेवक - 24000/- रुपये और उच्च माध्यमिक शिक्षणसेवक - 30000/-  इस प्रकार दिनांक 01/01/2016 से मानधन बढ़ाया जाए एवं हर साल शिक्षणसेवकों के वार्षिक मानधन में प्राथमिक के लिए 2000/- रुपये, माध्यमिक के लिए 3000/- रुपये और उच्च माध्यमिक के लिए 4000/- रुपये की वृद्धि करने का नियम बनाया जाए तथा आइंदा के लिए शिक्षणसेवक मानधन बढ़ाने का निर्णय वेतन आयोग में ही लेलिया जाए ऐसी मांग अखिल महाराष्ट्र उर्दू शिक्षक संघटन के राज्य अध्यक्ष मुहम्मद हनीफ और राज्य सचिव शेख ज़मीर रज़ा ने की है।

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