AIMA MEDIA
AIMA Strip
AIMA Header
AIMA Logo
Slide 1
Chief Guest Additional Director General of Police Meerut Zone Shri DK THAKUR was honoured by AIMA President Mahesh Sharma, Meerut Cantt MLA Shri Amit Agarwal and others in a programme organised by AIMA on the auspicious occasion of HINDI PATRKARITA DIVAS.
Slide 1
Chief Guest Additional Director General of Police Meerut Zone Shri DK Thakur addressing on the role of social media in the present era.
Slide 1
Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA), special guest, inaugurator was honoured by presenting memento by ADG Meerut Zone Shri DK Thakur, AIMA President Shri Mahesh Sharma, District President Shri Charan Singh Swami and others.
Slide 1
Shri Ravi Prakash Tiwari (Editor-in-Charge - Dainik Jagran, Meerut) was honored by presenting a memento by ADG Meerut Zone Shri DK Thakur, Meerut Cantonment MLA Shri Amit Agarwal, AIMA President Shri Mahesh Sharma and others.
Slide 1
Shri Rajendra Singh (Information Commissioner and former editor Amar Ujala) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and AIMA President Shri Mahesh Sharma and others.
Slide 1
Shri Pushpendra Sharma (former editor Hindustan) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
Slide 1
Shri Ramkumar Sharma (senior advocate and patron AIMA) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
Slide 1
Shri Rajesh Sharma (senior journalist, Editor- Save India Foundation) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
Slide 1
Shri Arun Jindal (Vibhag Sampark Pramukh RSS) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
Slide 1
Slide 1
Shri Surendra Sharma (Retd. Suchna Adhikari) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
Slide 1
Shri Gyan Dixit (Sr. photo journalist and Dada Saheb Falke Film Awardy ) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
Slide 1
Slide 1
Slide 1
संतुलित नीतियों से ही बचेगा पारंपरिक आभूषण उद्योग और लाखों कारीगरों का रोजगार: विनोद वर्मा संतुलित नीतियों से ही बचेगा पारंपरिक आभूषण उद्योग और लाखों कारीगरों का रोजगार: विनोद वर्मा
पटना /बिहार: भारत का आभूषण उद्योग केवल विलासिता (Luxury) के उपभोग का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के सबसे बड़े पारंपरिक, रोजगार-आधारित इकोसिस्टम में से एक है। यह बात आभूषण वर्ल्ड के प्रधान संपादक और स्वर्णकार समाज बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद वर्मा ने हाल ही में आभूषण उद्योग के विभिन्न हितधारकों (Stakeholders) और जमीनी स्तर के कारीगरों के साथ हुई चर्चा के दौरान कही।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह क्षेत्र देश के लाखों कारीगरों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और पारिवारिक व्यवसायों की आजीविका का मुख्य आधार है।

बाजार की वर्तमान स्थिति पर चिंता: विनोद वर्मा जी ने बताया कि सोने के आयात, बुलियन की कीमतों और बाजार की धारणाओं में हाल के बदलावों के कारण बिहार सहित देश के कई क्षेत्रीय बाजारों में उपभोक्ता बहुत सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं। हमारे छोटे जौहरी, कारीगर, पॉलिश कर्मचारी, डिजाइनर और हॉलमार्किंग इकाइयाँ पूरी तरह से बाजार की स्थिरता और उपभोक्ता विश्वास पर निर्भर हैं। यदि बाजार में अनिश्चितता का माहौल रहता है, तो इसका सीधा असर इस पूरी सप्लाई चेन पर पड़ेगा।

सोना सिर्फ संपत्ति नहीं, सामाजिक सुरक्षा है : चर्चा के दौरान उन्होंने आभूषण क्षेत्र के सामाजिक पहलू को रेखांकित करते हुए कहा, "भारत में सोना केवल एक निवेश या संपत्ति नहीं है। यह हमारे पारिवारिक परंपराओं, ग्रामीण बचत, सामाजिक सुरक्षा और पीढ़ियों पुरानी शिल्प कौशल से गहराई से जुड़ा हुआ है।" इस पूरे इकोसिस्टम को जीवंत रखने के लिए नीतिगत स्तर पर बाजार में स्थिरता और विश्वास बहाल करना बेहद आवश्यक है।

संतुलित नीतियों की आवश्यकता: AIMA Media से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पारंपरिक कला और MSME से जुड़े व्यापारिक समुदायों की सुरक्षा के लिए सरकार और उद्योग के बीच नीतिगत संवाद (Policy Communication) को संतुलित रखना सबसे महत्वपूर्ण होगा। आभूषण क्षेत्र को रोजगार सृजन, महिलाओं के नेतृत्व वाली बचत संस्कृति और टीयर-2 और टीयर-3 शहरों की आर्थिक ताकत को मजबूत करने में अपनी निरंतर भूमिका निभाते रहना चाहिए।
Read More
0
0 Views 0 Shares 0 Comments
ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਚੋਣਾਂ 'ਚ ਧਰਨਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਚੋਣਾਂ 'ਚ ਧਰਨਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ
ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਚੋਣਾਂ ਵਿੱਚ ਚੱਲ ਰਹੀ ਜੱਦੋਜਹਿਦ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਧਰਨਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਹ ਧਰਨਾ ਚੋਣਾਂ ਦੌਰਾਨ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਮੁੱਦਿਆਂ ਤੇ ਜਿੱਤ ਹਾਸਲ ਕਰਨ ਲਈ ਜੱਦੋਜਹਿਦ ਨੂੰ ਸਹਿਯੋਗ ਦੇਣ ਲਈ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ।

ਧਰਨਾ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਚੋਣਾਂ ਨੂੰ ਨਿਆਂਸੰਗਤ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਨੂੰ ਸਥਾਨਕ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਨਿਗਰਾਨੀ ਹੇਠ ਰੱਖਿਆ।
Read More
0
0 Views 0 Shares 0 Comments
गंगा दशहरा पर धोपाप धाम में सेवा कार्यों की मिसाल, अखण्ड योगदान एसोसिएशन ने किया शरबत वितरण गंगा दशहरा पर धोपाप धाम में सेवा कार्यों की मिसाल, अखण्ड योगदान एसोसिएशन ने किया शरबत वितरण

प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक 26 मई 2026 को धोपाप पवित्र तीर्थ स्थल पर गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर आयोजित मेले में श्रद्धालुओं की सेवा हेतु अखण्ड योगदान एसोसिएशन, सुल्तानपुर की टीम द्वारा शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए टीम के सदस्य एक दिन पूर्व ही स्थल पर पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने में जुट गए थे।
कार्यक्रम के दिन प्रातः 7 बजे से ही टीम के सदस्य श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर रहे। उन्होंने गंगा स्नान कर मेले में सहभागिता की तथा पूरे क्षेत्र में सक्रिय रहकर श्रद्धालुओं के बीच व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।
इसी क्रम में ग्राम प्रधान श्री सुभाष सोनकर द्वारा भी श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, विश्राम एवं जलपान की समुचित व्यवस्था कराई गई, जिसकी उपस्थित जनों एवं प्रशासन द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। साथ ही अखण्ड योगदान एसोसिएशन द्वारा आयोजित शरबत वितरण कार्यक्रम में उन्होंने सक्रिय सहभागिता करते हुए महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
इस सेवा-भाव एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति, लखनऊ एवं गया मंडल के वरिष्ठ जेल विजिटर श्री अमरभारत सिंह द्वारा संस्था के संस्थापक श्री ओम कुमार वर्मा को माला पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार समाज सेवा करते रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में अखण्ड योगदान एसोसिएशन, सुल्तानपुर के कोषाध्यक्ष श्री सागर वर्मा, दरियापुर कोर दल के संस्थापक एवं एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी श्री विकास राज, अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन सुल्तानपुर के जिला उपाध्यक्ष श्री दिनेश कुमार, सचिव प्रतिनिधि श्री राजकुमार सोनकर तथा साहपुर ग्राम के प्रधान श्री शुभम सोनकर सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने के साथ-साथ सामाजिक एवं अपराध निरोधक गतिविधियों को एक नई दिशा प्रदान की।
इस अवसर पर अखण्ड योगदान एसोसिएशन, सुल्तानपुर के संस्थापक श्री ओम कुमार वर्मा ने कहा कि यदि छोटे-छोटे सामाजिक संगठन एकजुट होकर किसी कार्यक्रम को संपन्न करें, तो वह अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और सफल बनता है। उन्होंने सभी से मिलकर समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने संस्था के इस प्रयास को अत्यंत सराहनीय बताते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
Read More
0
0 Views 0 Shares 0 Comments
सात वर्षों से एक ही अधिकारी के पास तीन परियोजनाओं का प्रभार: महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर उठने लगे गंभीर सवाल सात वर्षों से एक ही अधिकारी के पास तीन परियोजनाओं का प्रभार: महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर उठने लगे गंभीर सवाल

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं की प्रशासनिक व्यवस्था अब सवालों के घेरे में दिखाई देने लगी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलाईगढ़ में पदस्थ परियोजना अधिकारी तेजस्वी ध्रुव वर्ष 2019 से लगातार लगभग सात वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। इतना ही नहीं, उनके पास परियोजना बिलाईगढ़, कोसीर और भटगांव—तीनों का अतिरिक्त प्रभार भी है।
एक ही अधिकारी के पास तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का नियंत्रण होना, स्थानीय प्रशासनिक हलकों में चर्चा और संदेह का विषय बन गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग जैसी संवेदनशील व्यवस्था आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन, पोषण आहार वितरण, हितग्राहियों का सत्यापन, वित्तीय निरीक्षण, विभागीय अनुश्रवण, खरीदी प्रक्रियाएं, कर्मचारियों की निगरानी तथा अन्य कई योजनाओं का क्रियान्वयन जैसी जटिल जिम्मेदारियों से जुड़ी होती है। ऐसे में इतने महत्वपूर्ण कार्यों का भार एक ही अधिकारी पर लंबे समय तक बने रहना न केवल प्रशासनिक दबाव बढ़ाता है, बल्कि व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि सामान्यतः अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था अस्थायी परिस्थितियों में सीमित अवधि के लिए दी जाती है। किंतु वर्षों तक एक ही अधिकारी के पास कई परियोजनाओं का नियंत्रण रहना अनेक प्रकार की आशंकाओं को जन्म देता है। चर्चाएं यह भी हैं कि जब एक अधिकारी के पास तीन परियोजनाओं के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार हों, तब निष्पक्ष निगरानी और स्वतंत्र परीक्षण की व्यवस्था स्वतः कमजोर हो सकती है। इससे योजनाओं के संचालन, व्यय प्रक्रिया, फाइल संधारण, निरीक्षण रिपोर्ट और विभागीय नियंत्रण प्रणाली पर संदेह उठना स्वाभाविक है।
जानकारी यह भी सामने आई है कि विभागीय पारदर्शिता के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक संतुलन और स्वतंत्र निगरानी अत्यंत आवश्यक मानी जाती है। लेकिन वर्तमान व्यवस्था में निरंतर बहु-प्रभार की स्थिति से प्रशासनिक विसंगतियों की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। यही कारण है कि स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो रही हैं और यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसी कौन-सी ‘प्रशासनिक मजबूरी’ है, जिसके चलते एक ही अधिकारी को सात वर्षों से तीन-तीन परियोजनाओं का प्रभार सौंपा गया है।
विशेष रूप से परियोजना भटगांव को लेकर स्वतंत्र प्रभार की मांग क्षेत्रीय स्तर पर जोर पकड़ रही है। स्थानीय लोगों का स्पष्ट मत है कि भटगांव परियोजना का संचालन किसी स्वतंत्र अधिकारी—जैसे डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार भटगांव—को सौंपा जाना चाहिए। उनका कहना है कि अलग-अलग अधिकारियों के माध्यम से परियोजनाओं का संचालन होने से पारदर्शिता और प्रशासनिक नियंत्रण अधिक मजबूत होगा।
अब यह मामला केवल ‘अतिरिक्त प्रभार’ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभागीय निष्पक्षता, पारदर्शिता और प्रशासनिक विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है। ऐसे में जिला प्रशासन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि मामले का गंभीरता से परीक्षण कर संतुलित एवं पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता या संदेह की स्थिति उत्पन्न न हो।
Read More
3
49 Views 0 Shares 0 Comments